हरतालिका तीज का रख रही हैं व्रत तो पहले जान लें ये खास नियम

 
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लाइफस्टाइल डेस्क, जयपुर।। भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित ये पूजा हरतालिका तीज के नाम से जानी जाती है. इस साल ये व्रत आने वाली 9 तारीख (सिंतबर) को है. अगर आप ये व्रत पहली बार रख रही हैं तो इसके नियमों के बारे में जानना आपके लिए बहुत जरूरी है. आज हम आपको बतायेंगे इस व्रत से जुड़े खास नियम और उनकी महत्वता. ये व्रत भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को किया जाता है. इसे सुहागिनें और कुंवारी कन्याएं दोनों रखती हैं. विवाहित स्त्रियां पति की लंबी उम्र के लिए इस व्रत को करती हैं. वहीं,  कुंवारी कन्याएं अच्छे वर की प्राप्ति के लिए इस व्रत को पूरे मन से करती हैं. आइये जानते हैं इस व्रत से जुड़े और खास नियम.

हरतालिका तीज व्रत का नियम

ये व्रत काफी कठिन होता है. इस व्रत को पूरा करने के लिए कुछ खास नियमों का पालन करना होता है. जैसे ये व्रत- निर्जला और निराहार होता है. इस व्रत को रखने वाले लोगों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि, वे गलती से भी जल या अनाज का सेवन ना करें. जगह अलग-अलग मान्याताएं हैं. कुछ लोग व्रत पूर्ण होते ही जल ग्रहण कर लेते हैं, तो कहीं व्रत के अगले दिन जल ग्रहण किया जाता है.

हरतालिका तीज पर दुल्हन की तरह सजती संवरती हैं सुहागिनें

इस व्रत को कर रही सुहागिनें दुल्हन की तरह सजती संवरती हैं. हाथ मेहंदी और लाल-लाल चूड़ियां पहनती हैं. सोलह श्रृंगार करती हैं. गहनों से सजी-धजी रहती हैं. पैरों में महावर पायल, बिछिया पहनती हैं. वहीं इस व्रत को करने वाली कुंवारी कन्याएं भी सजती संवरती हैं.

शुभ मुहर्त के अनुसार, विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा की जाती है और पूरी रात बिना सोये भगवान शिव की भक्ति, कीर्तन-जागरण किया जाता है. जो भी इस व्रत को पहली बार करने जा रही हैं, ख्याल रखें कि रात में सोये ना और पूरा ध्यान भगवान शिव व माता पार्वती की पूजन में लगायें. कहते हैं अगर कोई व्रत के दिन सो जाता है, तो ये अशुभ माना जाता है.

मान्यता है कि हरतालिका तीज  के व्रत को अगर आपने एक बार उठा लिया तो इसे बीच में नहीं छोड़ते. हर वर्ष आपको इसे पूरे विधि-विधान से पूर्ण करना ही होगा.

हरतालिका तीज पर शिव-पार्वती की पूजा का विशेष महत्व

अगर आप इस व्रत को रखने जा रही हैं तो व्रत वाले दिन आपको अपने क्रोध पर काबू पाना आना चाहिए. इस व्रत को रखते समय मन शीतल और सुकून से भरा होना चाहिए.  इस व्रत को करते समय खुद पर संयम रखना चाहिए.

हरतालिका तीज का व्रत रख रहीं महिलाएं या कुंवारी कन्याएं बुजुर्गों का खास ख्याल रखें. अपने से छोटे हो या बड़े उन्हें ऐसा कुछ ना कहें, जिससे उनका दिल दुखे.

हरतालिका तीज रख रहीं महिलाएं पति से किसी भी प्रकार का अपशब्द ना कहें. उनसे झगड़े ना. परिवार में किसी भी प्रकार का किसी से भी जाने-अनजाने बुरा व्यवहार ना करें.

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