जानिए क्या है मकर संक्रांति का शुभ मुहूर्त और विधि

 
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ज्योतिष न्यूज़ डेस्क: हिंदू धर्म में मकर संक्रांति पर्व को विशेष माना गया हैं वही ग्रंथों के अनुसार सूर्यदेवता जब मकर राशि में प्रवेश करते हैं तो इसे मकर संक्रांति कहा जाता है मकर संक्रांति के पर्व को देश में कई नामों से मनाया जाता हैं पंचांग के अनुसार मकर संक्रांति का पर्व आज यानी 14 जनवरी 2022 दिन शुक्रवार को पौष मास की शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को मनाया जा रहा हैं। इस दिन स्नान दान का विशेष महत्व होता हैं तो आज हम आपको मकर संक्रांति का शुभ मुहूर्त बता रहे हैं तो आइए जानते हैं। 

जानिए मकर संक्रांति का पुण्य काल—
मकर संक्रांति पुण्य काल— दोपहर 2:43 ​से शाम 5:45 तक
अवधि— 03 घंटे 2 मिनट
मकर संक्रांति महापुण्य काल— दोपहर 2:43 से रात्रि 4+28 ​तक
अवधि— 1 घण्टा 45 मिनट

मकर संक्रांति के पर्व को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया हैं इस दिन पवित्र नदी में स्नान और दान करना शुभ होता हैं मकर संक्रांति पर सूर्य देव उत्तरायण होते हैं इस दिन से ही ऋतु में परिवर्तन आरंभ हो जाता हैं मकर संक्रांति से सर्दी में कमी आने लगती है यानी शरद ऋतु के जाने का समय आरंभ हो जाता है और बसंत ऋतु का आगमन शुरू हो जाता हैं। वही हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मकर संक्रांति के बाद से ही दिन लंबे और रातें छोटी होने लगती हैं पौराणिक कथाओं के अनुसार इस दिन भगवान आशुतोष ने भगवान श्री हरि विष्णु को आत्मज्ञान का दान दिया था। महाभारत की कथा के अनुसार भीष्म पितामह ने अपनी देह का त्याग मकर संक्रांति पर ही किया था। मकर संक्रांति के दिन लोग अपने घरों में सुबह सूर्यदेवता की आराधना करते हैं उसके बाद दान किया जाता है इस दिन भोजन के तौर पर खिचड़ी ग्रहण करना शुभ माना जाता हैं। 

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