आज करें शनिदेव की आराधना, जानिए व्रत पूजन विधि
 

 
shanidev vrat puja vidhi and importance

ज्योतिष न्यूज़ डेस्क: हिंदू धर्म के अनुसार शनिवार के अधिपति देव शनि महाराज हैं वह जातक को उनके कर्मों के अनुसार फल देते हैं इसलिए इन्हें न्याय का देवता कहा जाता हैं शनि की महादशा का सामना कर रहे लोगों को शनिवार का व्रत रखना चाहिए क्योंकि अगर कर्मों के फलदाता आपके पूजा से प्रसन्न हैं, तो आपके जीवन से दुखों का अंत हो जाएगा। शनिदेव को काली वस्तुएं बहुत प्रिय हैं इसलिए काले तिल, काला वस्त्र, तेल, उड़द का उपयोग शनिदेव की पूजा आराधना में जरूर करना चाहिए आज शनिवार हैं और जो लोग आज का व्रत रखते हैं उनके लिए आज हम लेकर आए हैं शनिवार व्रत पूजन की विधि, तो आइए जानते हैं। 
 
जानिए शनिवार व्रत और पूजन विधि—
इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर शनिदेव का स्मरण करना चाहिए इसके बाद पीपल के पेड़ पर जल अर्पित करना चाहिए लोहे से बनी शनिदेवता की मूर्ति को पंचामृत से स्नान कराना और मूर्ति को चावलों से बनाए चौबीस दल के कमल पर स्थापित करें। इसके बाद काले तिल, पुष्प, धूप, काला वस्त्र व तेल आदि से पूजा जरूर करें। व्रत में पूजा के बाद शनिदेव की कथा को पढ़ना या सुनना चाहिए और दिनभर उनका स्मरण भी करते रहना चाहिए। फिर अपनी इच्छा अनुसार गरीबों को भोजन कराएं और लौह वस्तु, धन आदि का दान जरूर करें। इस दिन व्यक्ति को एक ही बार भोजन करना चाहिए इसके अलावा इस दिन चीटियों को आटा डालना फलदायी माना जाता हैं इस तरह शनिदेव का व्रत रखने से दुर्भाग्य को भी सौभाग्य में बदला जा सकता हैं और हर विपत्ति को दूर किया जा सकता हैं। 

शनिवार के दिन व्रत करने से शनि ग्रह को दोष समाप्त हो जाता हैं भविष्य में आने वाले प्रकोप से भी बचा जा सकता हैं साढ़ेसाती और ढैय्या से छुटकारा मिलता है और बिगड़ा काम पूरा होता हैं इससे नौकरी और कारोबार में सफलता तो मिलती ही है साथ ही साथ सुख समृद्धि, मान सम्मान और धन यश की भी प्राप्ति होती हैं शनिवार के दिन व्रत रखने से घर में सुख और शांति रहती हैं इसके अलावा रोग से भी छुटकारा मिलता हैं। 
 

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