हरी मटर का स्वाद अगर हर मौसम में लेना हो तो घर पर इसको ऐसे करें स्टोर

 
हरा मटर

हरी मटर (Green Peas) की सब्ज़ी खाने के लिए सर्दी के दिनों का इंतज़ार करने की ज़रूरत नहीं होती है क्योंकि कोल्ड स्टोरेज (Cold Storage) की मदद से बाजार में मटर पूरे साल ही आती रहती है. लेकिन इस मटर का स्वाद (Taste) उतना बेहतर नहीं होता है जितना सर्दी के दिनों में मिलने वाली हरी मटर का होता है.हरी मटर को स्टोर करने के लिए सबसे पहले आप मटर को छील लें और ख़राब दानों को हटा दें. इसके बाद साफ़ पानी से मटर के दानों को धो लें. मटर बहुत ज्यादा कड़ी न हो और पकाते समय आसानी से पक जाये इसके लिए आप मटर को पांच- सात मिनट के लिए गुनगुने पानी में भिगो सकते हैं. धोने के बाद मटर को पानी से निकाल कर किसी बर्तन में रख दें.अब आपको किसी सूती चादर या कपड़े को बिछाकर इस पर धुली हुई मटर डाल देनी है. जिससे उसका पानी अच्छी तरह से सूख जाये और मटर में नमी न रह जाये.

हरा मटर

दरअसल नमी रह जाने की वजह से मटर सड़ सकती है. अगर आप चाहें तो मटर को पांच-सात मिनट के लिए धूप में भी रख सकते हैं. मटर जब सूख जाए तब उसको हाथ से छू कर देखें कि कहीं मटर में नमी तो बाकी नहीं रह गयी है. अगर नमी बाकी रह गयी हो तो कुछ देर मटर को और सुखा लें.मटर का पानी सूख जाने के बाद आप मटर को किसी ज़िप लॉक पॉलीथिन में भर कर फ्रीज़र में स्टोर कर दें. अगर आप चाहें तो मटर को किसी एयर टाइट और सूखे डब्बे में रख कर भी स्टोर कर सकते हैं. इससे मटर में बर्फ भी नहीं जमेगी साथ ही ताज़ी भी बनी रहेगी. इसका स्वाद भी आपको सर्दी वाली हरी मटर के जैसा ही महसूस होगा. मटर लम्बे समय तक फ्रेश बनी रहे इसके लिए आप हर दो हफ्ते में मटर को फ्रीज़र से निकाल कर हिला दें जिससे वह ख़राब न हो.

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