Delta के बाद आया अब कोरोना का नया कप्पा वैरिएंट, जानिए इसके लक्षण और कैसे पड़ा इसका नाम

 
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हाल ही में कोरोना के नए वैरिएंट डेल्टा और डेल्टा प्लस के होने की बात हमारे सामने आई ​थी मगर अब बताया जा रहा है कि कोरोना का एक और नया वैरिएंट सामने आ गया है और इसका नाम हैं कप्पा वैरिएंट । भारत में कोरोनावायरस के दूसरे लहर की बात ​कि जाएं तो इस लहर के पीछे डेल्टा वेरिएंट का कसूर बताया जा रहा है ।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, देवरिया और गोरखपुर में डेल्टा प्लस स्ट्रेन के दो मामले पाए जाने के बाद अब संत कबीर नगर में एक मरीज कोविड-19 के कप्पा स्ट्रेन से पॉजिटिव पाया गया है जिसके कारण इस 66 वर्षीय मरीज की मौत हो गई । इसका पता जीनोम अनुक्रमण अभ्यास के दौरान चला । बता दें, उनका नमूना 13 जून को नियमित रूप से इक्ठ्ठा किया गया था और सीएसआईआर के इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायोलॉजी, नई दिल्ली को भेजा गया था, जिसने नमूने में कप्पा स्ट्रेन की पुष्टि की है । डेल्टा प्लस की तरह, कप्पा को भी चिंता का एक रूप घोषित किया गया है ।

हाल ही में, उत्तर प्रदेश राज्य में कोरोनावायरस का नया वेरिएंट कप्पा वेरिएंट का पहला केस सामने आया है जिसकी वजह से विशेषज्ञों और डॉक्टरों की नींद उड गई है । कई विशेषज्ञों ने बताया हेै कि, यह वेरिएंट काफी घातक साबित हो सकता है । जानकारों के मुताबिक कप्पा वेरिएंट पैंगो वंश से नाता रखता है । इस वंश‌ को 1.617 के नाम से जाना जाता है और‌ इसके तीन उप-वर्गों में से एक कप्पा वेरिएंट है । बता दे कि, कप्पा वेरिएंट को B.1.617.1 का नाम दिया गया है जो पहली बार भारत में दिसंबर 2020 में पाया गया था । जानकारों क अनुसर, E484Q और E484K वेरिएंट्स के कारण कप्पा वेरिएंट का रूप सामने आया है । कहा जा रहा है कि इस म्यूटेशन में L452R म्यूटेशन का भी हाथ है जिसकी वजह से हमारा इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ जाता है।

आपकी जानकारी के लिए बता देंं, हाल ही में, कुछ समय पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्ल्यूएचओ ने इस बात का ऐलान किया था कि अब से कोविड-19 के नए स्ट्रेन का नाम ग्रीक अल्फाबेटिकल लेबल्स के नाम से जाना जाएगा । इसी कड़ी में जिन स्ट्रेन का मूल भारत है उनका नाम डेल्टा और कप्पा रखा जाएगा ।

कप्पा वायरस के लक्षण और बचाव :—

विशेषज्ञों ने बताया है कि, कोरोनावायरस के कप्पा वेरिएंट से पीड़ित लोगों में खांसी, बुखार, गले में खराश जैसे प्राइमरी लक्षण दिखाई दे सकते हैं। वहीं, माइल्ड और गंभीर लक्षण कोरोनावायरस के अन्य म्यूटेंट्स के लक्षण की ही तरह होंगे । फिलहाल, इस वैरिएंट को लेकर अभी शोध हो रहे हैं । जानकारों का मानना है कि कप्पा वेरिएंट से लेकर डेल्टा वेरिएंट तक, किसी भी वेरिएंट से बचने के लिए मास्क का उपयोग सबसे जरूरी है।  इसके साथ जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलें और पब्लिक प्लेस में लोगों से दूरी ‌बनाए रखें । समय-समय पर हाथ धोते रहें और अपनी इम्यूनिटी को लेकर विशेष ध्यान दें।

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