क्या आप भी है हाथ-पैरों के दर्द से परेशान, तो रोज करें ये 2 योग, मिलेंगे जबरदस्त फायदे

 
क्या आप भी है हाथ-पैरों के दर्द से परेशान, तो रोज करें ये 2 योग, मिलेंगे जबरदस्त फायदे

लाइफस्टाइल डेस्क, जयपुर।। आजकल के लाइफस्टाइल में हर कोई बदलते मौसम का शिकार बन  किसी ना किसी बीमारी की चपेट में आ जाता है या आने का बहुत ज्यादा खतरा रहता है। इसके साथ हाथ-पैरों में दर्द की शिकायत भी बहुत ज्यादा देखी जाती है। और ऐसा नहीं की दर्द सिर्फ उम्रदाज लोगो को होता है बल्कि इस दर्द को युवाओ में भी काफी देखा गया है। और इस तरह के दर्द किसी को भी हो सकते है। इसलिए इससे जड़ से छुटकारा पाने के लिए आपको अपनी डेली रूटीन में योगा का अभ्यास करना चाहिए। योगा करने से हड्डियों में मजबूती भी होती है। और अगर ऐसे में आपके हाथों व पैरों में हो रहे दर्द से भी काफी आराम मिलता है। जिसकेे लिए ये आपके लिए सबसे बेस्ट ऑप्शन है। तो आइये चलिए जानते हैं इन ख़ास योगासन को करने का आसान तरीका व इसके अन्य फायदे...

नौकासन

हाथ-पैरों के दर्द से आराम दिलाएंगे ये 2 योग, रोजाना करने से होंगे ये फायदे

हाथ और पेरो के दर्द के आराम के लिए सबसे पहले और सबसे बेस्ट योगासन है नौकासन अगर आप इस नौकासन को करेंगे तो इस आसन में आपके शरीर की मुद्रा नाव की तरह होनी चाहिए है। इसके सबसे पहले आपको खुली जगह पर एक मैट बिछाकर पीठ के बल लेटना होगा  अब अपने दोनों पैरों को एक साथ जोड़ें। और अपने हाथों को जमीन पर जोर से रखें। अब गहरी और लम्बी सांस लेते हुए धीरे-धीरे अपनी  गर्दन को ऊपर की ओर उठाएं। अब अपने हाथों व पैरों को ऊपर की ओर उठाये और नौका यानि नाव का रूप लें। अपने हाथों से अपने पैरों को छूने की कोशिश करें। और इस मुद्रा में करीब 20 से 25 सेकेंड तक रहे। और बाद में अपनी सामान्य मुद्रा में आ जाएं।

भुजंगासन

हाथ-पैरों के दर्द से आराम दिलाएंगे ये 2 योग, रोजाना करने से होंगे ये फायदे

दूसरा सबसे जरूरी आसान है भुजंगासन इस आसन को करने के लिए आप जमीन पर एक मैट बिछाकर पेट के बल लेट जाएं। और अपने हाथों को जमीन पर रखकर अपने धड़ को ऊपर की ओर उठाएं। शरीर का सारा भारा बाजूओं पर रखें। पैरों को उंगलियों के बल पर टिकाएं। पीठ को अपनी क्षमता के मुताबिक मोड़कर गर्दन को पीछे की ओर झुकाएं। इस अवस्था में रहकर 3-5 बार गहरी सांस अंदर लें और बाहर की ओर छोड़ें। 30 से 60 सेकेंड या अपनी क्षमता के मुताबिक कुछ देर इसी मुद्रा में रहें। बाद में धीरे से सामान्य अवस्था में आ जाएं। इस आसन को 4-5 बार दोहराएं।

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