डेंगू और वायरल बुख़ार कैसे हैं एक दूसरे से अलग?

 
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लाइफस्टाइल डेस्क, जयपुर।। मौसम बदल रहा है, कई शहरों में अभी भी बारिश हो रही है. इस बदलते मौसम से डेंगू का खतरा भी बढ़ गया है. दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में तेजी से डेंगू के मरीज सामने आ रहे हैं और कई मरीजों की मौत भी हो गई है. सरकार की ओर से कई आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं. डेंगू के बारे में सब जानते हैं कि यह मच्छर के काटने की वजह से होता है और इससे बचने की कोशिश भी कर रहे हैं. लेकिन, अक्सर लोग डेंगू और सामान्य बुखार में अंतर नहीं कर पाते हैं और स्थिति बेकाबू हो जाती है.

कई बार डेंगू होने के बाद इसे सामान्य बुखार माना जाता है और लोग इसका इलाज नहीं करवाते हैं, जिससे दिक्कत ज्यादा बढ़ जाती है. ऐसे में आज हम आपको बता रहे हैं कि किस तरह से डेंगू की बुखार और सामान्य बुखार में अंतर किया जा सकता है. इसके बारे में जानकर आप समझ जाएंगे कि आपको डेंगू बुखार है या नहीं. इसके बाद आप उसके हिसाब से इलाज करवा सकेंगे. आइए जानते हैं दोनों बुखार में क्या अंतर होता है…

कैसे होता है डेंगू?

बता दें कि जिस मच्छर के काटने से डेंगू होता है, उस मच्छर का नाम होता है माजा एडीज मच्छर. अगर इस मच्छर के दिखने की बात करें तो यह दिखने में भी सामान्य मच्छर से अलग होता है और इसके शरीर पर चीते जैसी धारियां बनी होती है. इस मच्छर के पैर पर सफेद रंग की धारियां बनी होती हैं. माना जाता है कि यह मच्छर अक्सर रोशनी में ही काटते हैं और सुबह के वक्त इनके काटने की संभावना ज्यादा होती है. अगर रात में रोशनी ज्यादा है तो भी यह मच्छर काट सकते हैं. कई रिपोर्ट्स में सामने आया है कि एडीज इजिप्टी मच्छर बहुत ऊंचाई तक नहीं उड़ पाता और इंसान के घुटने के नीचे तक ही पहुंच होती है.

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कब पता करें डेंगू की बुखार है या नहीं?

डेंगू का मच्छर काटने एक-दो दिन बाद डेंगू बुखार के लक्षण दिखाई देने लगते हैं. डेंगू में बुखार के साथ आंखें लाल हो जाती है और खून में कमी होने लगती है. कुछ लोगों को चक्कर आने की वजह से बेहोशी छा जाती है. सीनियर सीटिजन स्पेशलिस्ट डॉक्टर रिशव बंसल ने टीवी-9 को बताया, ‘डेंगू की बुखार और सामान्य बुखार में अंतर करने का एक सबसे अहम लक्षण माना जाता है और वो है जुकाम. डेंगू होने पर जब बुखार होता है तो बुखार के साथ बदन दर्द भी रहता है. वहीं, सामान्य वायरल या बुखार में फीवर के साथ जुकाम आदि भी होती है.’

ऐसे में डॉक्टर रिशव बंसल का कहना है, ‘अगर किसी को इस मौसम में बुखार के साथ बदन दर्द है और जुकाम नहीं है तो उन्हें जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. साथ ही प्लेटलेट्स आदि की जांच करवानी चाहिए. जो लोग बुखार होने पर एक-दो दिन होम मेडिसिन से काम चला रहे हैं तो ऐसा ना करें और बुखार होते ही डॉक्टर से संपर्क करें. अगर जुकाम के साथ फीवर है तो एक दो दिन होम ट्रिटमेंट लिया जा सकता है, लेकिन इस स्थिति में जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.’

दोनों बुखार को इग्नोर करना है गलत

अगर साधारण बुखार में भी अगर लापरवाही की जाए तो दिमाग पर चढ़ जाता है और जानलेवा बन सकता है. वहीं, डेंगू के बुखार में शरीर में बुखार के साथ ब्लड से प्लेटलेट्स तेजी से कम होने लगते हैं. इससे खतरा सामान्य बुखार से कई गुना ज्यादा होता है. डेंगू में इम्युन काफी वीक हो जाता है और मरीज बेहद कमजोर हो जाता है. ऐसे में डेंगू की बुखार में प्लेटलेट्स कम होने पर ज्यादा दिया जाता है कि वो कम ना हो जाए.

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