अगर आप भी रहना चाहती है निरोग तो करती रहे योग, ये 5 आसन बचाऐंगे हर बीमारी से  

 
अगर आप भी रहना चाहती है निरोग तो करती रहे योग, ये 5 आसन बचाऐंगे हर बीमारी से  

हैल्थ न्यूज डेस्क।। आजकल के बदलते लाइफस्टाइल में हर किसी को बीमारीयों का खतरना बना रहता है। इससे बचने के लिए एक निरोगी काया का होना जरूरी है। ऐसे में किसी भी लडकी के लिए टीनएजर से लेकर औरत बनने तक कई प्रकार की समस्यायें जैसे पीरियड्स, मेनोपॉज, प्रेगनेंसी आदि सब सेगुजरना पड़ता है। इन सबके अलावा एक लडकी के लिए शादी से पहले ऑफिस तो शादी के बाद घर की जिम्मेदारियां संभालनी होती है और इन्ही सबके बीच में एक महिला अपनी हैल्थ पर ध्यान नहीं दे पाती है। और इसके कारण धीरे धीरे उन्हें कमर व जोड़ दर्द, ना घटने वाला मोटापा या बैली फैट, हार्मोन्ल बदलाव जैसी कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

80% महिलाएं बीमारियों के घेरे में 
हाल ही में हुये एक रिसर्च की मानें तो भारत में 80% महिलाएं हाई ब्लड प्रेशर, थयराइड, शुगर, पीरियड्स प्रॉब्लम्स, पीसीओडी जैसी किसी ना किसी बीमारी की पकड में है। ऐसे में आपकी हर छोटी-बड़ी समस्या का एक ही समाधान है योगा।

दवा नहीं, योग है हर समस्या का हल

अक्सर ऐसा होता है कि कुछ महिलाएं अपनी छोटी-मोटी हेल्थ प्रॉब्लम्स जैसे सिरदर्द, कमर दर्द के लिए जनरल मेडिसीन का सहारा लेने लग जाती है, जिसकी उन्हे धीरे-धीरे आदत लग जाती है। इसके कारण  उनके लिवर को भी नुकसान पहुंचता है। इन हालातों में आप दवाओं की बजाए योग की मदद से ना सिर्फ छोटी-मोटी बल्कि कई समस्याओं से छुटकारा पा सकती हैं। 

आइए आज हम आपको कुछ ऐसे योगासन बताते हैं जो कई बीमारियों को दुर कर सकते हैं

सूर्यनमस्कार
इसके लिए हम सबसे पहले बात करते हैं सूर्यनमस्कार की, माना जाता है कि यह योगासनों का राजा है। इसे करने के 12 स्टेप होते हैं, अगर आप गुनगुनी धूप में यह योग करेंगी तो इससे विटामिन डी शरीर में ज्यादा अब्जॉर्ब हो पाएगा। जिन्हें रोजाना 15-30  मिनट दोहराने से कई बीमारियां दूर रहती हैं। 

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मार्जरीआसन 

यह मुद्रा मासिक धर्म के दर्द से राहत देगी। साथ ही यह रीढ़ को मजबूत करेगी और मांसपेशियों में लचीलापन बढ़ाएगी। मासिक धर्म के दर्द से पीड़ित हैं तो मार्जरीआसन या बिटिलासन का अभ्यास करें।

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वीरभद्रासन II

प्रेगनेंसी में यह योग करना बहुत फायदेमंद होता है। इससे पीरियड्स प्रॉब्लम्स से भी राहत मिलती है। यह मुद्रा कंधों, छाती, पेट,  कोर, बाजू, भीतरी जांघों और कूल्हों को मजबूत बनाती है। 

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कपालभाती

कपालभाति एक ऐसी सांस की प्रक्रिया है जो सिर व मस्तिष्क की क्रियाओं को नई जान देती है। पीसीओडी को कंट्रोल करने के लिए कालभाति बेहद फायदेमंद योग है। शुरुआत में इसे 30 बार और धीरे धीरे 100-200 तक करें।

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अनुलोम-विलोम

इससे शरीर की कोशिकाओं व दिमाग को अधिक ऑक्सीजन मिलती है। इससे डिप्रैशन, माइग्रेन, सांस संबंधी दिक्कत, ब्लड प्रैशर और शुगर कंट्रोल में रहता है। अनुलोम-विलोम फेफड़ों में ऑक्सीजन व ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाता है।

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