घर की साफ-सफाई को अब बनाइये और भी आसान, यूज करें ये सिंपल टिप्‍स

 
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लाइफस्टाइल न्यूज डेस्क।। भारत में लोग अक्सर घरों की साफ सफाई को लेकर टेंशन में रहते हैं।  बेशक घरों की साफ-सफाई सबसे अहम हिस्सा होती है। सबसे ज्यादा वक्त और मेहनत इसी में है। अगर इसके लिए सही प्लानिंग नहीं की जाए तो यह आप पर भारी पड़ सकता है।

कई एजेंसियां घर की साफ-सफाई के लिए सही दाम पर सर्विस देती हैं
अगर घर की साफ-सफाई के लिए वक्त कम है या कोई और वजह है तो कई एजेंसियां हैं जो फ्लैट की साफ-सफाई का काम करती हैं। एक टू बीएचके फ्लैट की साफ-सफाई का खर्चा 4 से 6 हजार या इससे ऊपर हो सकता है। अगर आपको पूरे फ्लैट की सफाई नहीं करवानी है तो किचन और बाथरूम की भी सफाई करा सकते हैं। 

अमूमन एजेंसियों के रेट कमरे, किचन, बाथरूम, हॉल, सोफा सभी के लिए अलग-अलग हैं। सोफा की सफाई उसके सेट्स पर निर्भर करती है। अमूमन यह 500 रुपये से शुरू होकर 1500 रुपये तक हो सकती है। इतना ही नहीं, किसी कमरे की सामान्य सफाई या फिर डीप क्लिनिंग के रेट भी अलग-अलग हो सकते हैं। मसलन, सिर्फ एक बाथरूम की डीप क्लिनिंग का खर्च महज 900-1200 रुपये हो सकता है। वहीं किचन का 1400 से 2000 रुपये तक हो सकता है। कुछ कंपनियां किचन और बाथरूम का कॉम्बो प्राइस भी ऑफर करती हैं, जिसका रेट कुछ कम होता है। इन एजेंसियों को बुक करने का तरीका भी आसान है। वेबसाइट पर जाएं और अपना नाम और मोबाइल नंबर सबमिट कर दें। ये खुद कॉल कर लेंगी।

घरों की साफ-सफाई आसान काम नहीं है। समझ नहीं आता कि शुरुआत कहां से करें। ऐसे में बेहतर होगा कि ठंडे दिमाग से बैठकर सफाई की प्लानिंग कर लें। किन-किन चीजों की जरूरत पड़ेगी, कहां से शुरू करें, हेल्प कहां से मिलेगी और किसे कैसे साफ करें, जैसे सवालों के जवाब चाहिए होंगे। घरों में बेकार सामान साल भर जमा होते रहते हैं। मोह की वजह से हम इन्हें फेंक नहीं पाते लेकिन जीना तो हमें आज में होता है इसलिए पुरानी बेकार हो गई चीजों को बाय-बाय करें। पुराने कपड़े जाएंगे तभी आपका वॉर्डरोब खाली होगा और नए कपड़ों को सही जगह मिलेगी। 

घर की साफ-सफाई को अब बनाइये और भी आसान, यूज करें ये सिंपल टिप्‍स

ध्यान रखिए कि एक्स के चक्कर में नए कपड़े कहीं बुरा न मान लें। इस कड़ी में दूसरा नाम आता है क्रॉकरी का। दरअसल, क्रॉकरी सेट में प्लेट, गिलास, कप आदि शामिल होते हैं। ये समय के साथ पुराने हो जाते हैं और इनकी चमक फीकी पड़ जाती है। कई बार ये क्रैक या फिर गिरकर टूट भी जाते हैं। हम इन्हें फेंकने के बजाय किचन के किसी रैक में रख देते हैं। जब क्रॉकरी का नया सेट किचन में पहुंचता है तो उसे पुराने सेट के साथ कई बार एडजस्ट करना पड़ता है इसलिए किचन के रैक को खाली रखना चाहिए। पुरानी क्रॉकरी जब रैक में साइड होकर जमा हो जाती है तो अमूमन उसका उपयोग कभी नहीं होता।

वैसे तो धूप ज्यादा कड़ी नहीं होती लेकिन जितनी भी होती है, वॉर्डरोब में रखे कपड़ों के लिए बहुत उपयोगी होती है। इससे कपड़ों में मौजूद सीलन की बदबू निकल जाती है। साथ ही कुछ बैक्टीरिया, फंगस भी रिटायरमेंट लेकर कहीं और चले जाते हैं। इसलिए साफ-सफाई की शुरुआत करें तो पुराने कपड़ों को धूप लगाना भी न भूलें।

हां, कभी-कभार लोग इसका उपयोग जरूर कर लेते हैं, खासकर फर्श पर पोंछा लगने के बाद उन्हें सुखाने के लिए। भले ही इसकी जरूरत कम हो, लेकिन घर में छत की ओर देखने पर सबसे पहले फैन पर निगाहें करम होती हैं। अगर पंखे साफ हैं तो आंखें फौरन वहां से हट जाती हैं, लेकिन गंदे होने पर नजर के साथ-साथ मुंह भी बन जाता है इसलिए पंखों की साफ-सफाई बहुत जरूरी है। पंखों को साफ करने के दौरान कोशिश यह हो कि पहले इसके ब्लेड्स को सुखे कपड़ों से रगड़ कर साफ करें। कॉटन से ये ज्यादा अच्छी तरह साफ होते हैं। इसके बाद डिटर्जेंट वाले पानी से भिगोए हुए गीले कपड़ों का उपयोग करें। इसके बाद फिर से किसी साफ सुखे कपड़े से इसे पोंछ दें। इससे पंखों की चमक वापस आ जाएगी।

घर में मकड़ी के जाले हों तो बड़ा ही अजीब लगता है। बच्चे तो डर भी जाते हैं इसलिए यह जरूरी है कि घर में इस ‘जाल’ को सजने न दें। जब भी इन पर नजर जाए, जाले की सजवाट को जरूर बिगाड़ दें। इसके लिए आप अगर दस्ताने पहन लें तो सही रहेगा। जाले को हटाने से पहले उसके नीचे के सामान को हटा दें बेहतर होगा। इसके लिए झाड़ू का उपयोग भी कर सकते हैं। किसी डंडे में टॉयलेट पेपर को लपेटकर भी मकड़ी के जाले को हटा सकते हैं।
 

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