भारत की 10 सबसे भूतिया जगह जहां आज भी जाने से डरते हैं लोग

 
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लाइफस्टाइल डेस्क, जयपुर।। हम अक्सर ऐसी जगहों के बारे में सुनते हैं जो काफी मशहूर तो होती हैं लेकिन डरावनी भी होती हैं। इन जगहों पर जाने से पहले हर किसी का थोड़ा डर जाना लाजमी है। कई जगह ऐसी हैं, जहां लोग दिन के समय तो चले जाते हैं लेकिन शाम होने के बाद नहीं जाते। इन स्थानों पर ऐसे कई बोर्ड भी लगे देखे जा सकते हैं, जिनपर चेतावनी लिखी होती है कि सूरज ढलने के बाद यहां ना ठहरें। इसलिए लोग दिन के उजाले में ही यहां आते हैं। लेकिन ये जगह इतनी डरावनी क्यों हैं? इसका पता ठीक से नहीं चल पाया है। हालांकि हर डरावनी जगह के पीछे एक कहानी जरूर छिपी है।

इन डरावनी जगहों को लेकर लोगों के दिमाग में कई तरह की धारणाएं उत्पन्न होती हैं। ऐसे में इनके डरावने होने के पीछे लोग अक्सर दो तबकों में दिखाई देते हैं। जहां एक तबके का मानना होता है कि कोई भी जगह डरावनी नहीं होती है, ये सब पुरानी बातें हैं, जिन्हें आज भी माना जाता है। वहीं जो दूसरा तबका है, उसका मानना है कि ये जगहें इसलिए डरावनी हैं, क्योंकि इनमें आत्माएं रहती हैं। ये वो तबका है जो आफ्टरलाइफ में अधिक विश्वास करता है। जिसमें ये कहा जाता है कि जो आत्मा शरीर के खत्म हो जाने के बाद आगे नहीं बढ़ पाती हैं (यानी स्पिरिट वर्ल्ड नहीं जा पातीं) वही यहां रहती हैं। हालांकि ये एक लंबा चौड़ा विषय है। लेकिन इन स्थानों पर आप दिन के समय जा सकते हैं। तो चलिए ऐसी ही 10 जगहों के बारे में जान लेते हैं, जो भारत में ही मौजूद हैं।

ब्रिज राज भवन होटल, कोटा

ब्रिज राज भवन होटल, कोटा

राजस्थान के कोटा शहर में ब्रिज राज भवन पैलेस नाम का एक होटल मौजूद है। ये होटल करीब 178 साल पुराना है। इसे 1980 के दशक में हेरिटेज होटल के रूप में बदल दिया गया था। आपको ये बात जानकर हैरानी होगी कि इस जगह को भूतों का घर कहा जाता है। ऐसा कहा जाता है कि इस स्थान पर मेजर बर्टन का भूत रहता है जो किसी को भी नुकसान नहीं पहुंचाता। ये कहानी काफी प्रसिद्ध है कि मेजर बर्टन ब्रिटिश शासन के समय कोटा में ही तैनात थे और साल 1857 में हुए विद्रोह में उन्हें भारतीय सिपाहियों ने मार दिया था। ऐसे में अब ये सवाल उठता है कि इस होटल में ही उनका भूत क्यों रहता है, तो इसके पीछे का जवाब ये है कि मेजर को इसी होटल के सेंट्रल हॉल में मारा गया था।

भानगढ़ का किला, राजस्थान

भानगढ़ का किला, राजस्थान

राजस्थान के अलवर में स्थित भानगढ़ का किला डरावना होने के चलते दुनियाभर में मशहूर है। ऐसा कहा जाता है कि इस किले का वातावरण ही ऐसा है, जिससे किसी की मौजूदगी महसूस की जा सकती है। यहां आने वाले लोगों को अचानक बेचैनी महसूस होने लगती है। ऐसी अफवाहें भी हैं कि यहां आकर कई लोग गायब भी हो चुके हैं। हालांकि फिर भी भानगढ़ घूमने आने वालों की संख्या काफी अधिक है। इस किले के बाहर साफ लिखा है कि यहां शाम के बाद ना ठहरें। इसके पीछे की कहानी ये है कि यहां एक रानी रहा करती थी, जिसपर एक तांत्रिक ने तंत्र विद्या की। वो रानी को हासिल करना चाहता था लेकिन रानी ने ऐसा कभी नहीं होने दिया। बाद में मरते समय तांत्रिक ने इस स्थान को श्राप दे दिया था।

रामोजी फिल्म सिटी, हैदराबाद

रामोजी फिल्म सिटी, हैदराबाद

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में स्थित रामोजी फिल्म सिटी को भी भूतों का घर कहा जाता है। ऐसा कहते हैं कि यहां कई सैनिकों के भूत रहते हैं। ये फिल्मसिटी उसी भूमि पर बनी है, जबां निजामों के समय युद्ध हुआ करता था। स्थानीय लोगों का कहना है कि ये स्थान बेहद लंबे समय से ही डरावना रहा है।

दिल्ली कैंट, नई दिल्ली

दिल्ली कैंट, नई दिल्ली

देश की राजधानी दिल्ली में भूतों की कहानी काफी प्रचलित हैं। दिल्ली देश के अन्य शहरों से भी रोड, रेल के माध्यम से जुड़ी हुई है। ऐसा कहा जाता है कि दिल्ली कैंट के पास का इलाका डरावना है। लोगों का मानना है कि यहां एक महिला का भूत रहता है। जो कई बार सफेद रंग के कपड़ों में दिखाई दे चुकी है। ऐसी कहानियां हैं कि इस महिला का भूत रास्ते से जाने वाली गाड़ियों से लिफ्ट मांगता है और फिर अचानक ही गायब हो जाता है।

शनिवार वाडा किला, पुणे

शनिवार वाडा किला, पुणे

महाराष्ट्र के पुणे शहर में स्थित शनिवार वाडा किले को पेशवा वंश के शासकों ने बनवाया था। इस किले की दीवारों में भी बहुत सी कहानियां छिपी हुई हैं। यहां सैकड़ों साल पहले जो कुछ हुआ, उसे सुनकर आज भी लोगों की रूह कांप जाती है। यहां शाही सिंहासन के उत्तराधिकारी, एक राजकुमार की उसके करीबी रिश्तेदारों के आदेश पर हत्या कर दी गई थी। जिसके बाद से ऐसा माना जाता है कि उसकी चीखने की आवाजें आज भी यहां सुनाई देती हैं। इसी कारण लोग सूरज ढलने के बाद यहां आने से डरते हैं।

कुलधरा गांव, राजस्थान

कुलधरा गांव, राजस्थान

कुलधरा को राजस्थान में भूतों का गांव भी कहा जाता है। ये भारत की सबसे डरावनी जगहों में से एक है। ये अनोखी और रहस्यमई जगह कई लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र भी बनती है। ऐसा कहा जाता है कि इस गांव में आने के बाद से हर कोई उदास महसूस करने लगता है। आप यहां रहने वाले उन लोगों की स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि उन्हें रातोंरात अपना घर छोड़कर जाना पड़ा था। इन लोगों के साथ 84 अन्य गांव के लोगों ने भी अपने घरों को छोड़ दिया था।

इस गांव के डरावना होने के पीछे की कहानी ये है कि यहां एक सालम सिंह नाम का दीवान रहा करता था। उसने टेक्स इतना बढ़ा दिया था कि गांव के पालीवाल समुदाय का यहां रहना काफी मुश्किल हो गया था। केवल इतना ही नहीं बल्कि इस दीवान की नजर समुदाय की लड़कियों में से एक लड़की पर भी थी। वह उस लड़की से शादी करना चाहता था। लेकिन समुदाय के लोगों ने इससे साफ इनकार कर दिया। तब दीवान ने कहा कि अगर शादी के लिए समुदाय वाले नहीं माने तो उन्हें घातक परिणाम भुगतने होंगे। जिसके बाद अपनी गरिमा और सम्मान के लिए 84 गांव के अन्य लोगों के साथ पालीवाल समुदाय ने कुलधरा को छोड़ने का फैसला लिया। अपना घर छोड़ते समय ये लोग काफी दुखी थे। जाते हुए उन्होंने ये श्राप दे दिया कि इस गांव में कभी कोई नहीं रह पाएगा। आज तक यहां कोई नहीं रहता है।

डिसूजा चॉल, मुंबई

डिसूजा चॉल, मुंबई

मुंबई के महीम में स्थित डिसूजा चॉल को भी डरावनी जगहों में से एक माना जाता है। यहां के स्थानीय लोगों का कहना है कि दशकों पहले एक महिला दुर्घटनावश कुए में गिर गई थी। जिसके बाद से उसकी आत्मा चॉल के आसपास घूमती है। हालांकि इसके साक्षात प्रमाण नहीं मिले हैं और ये कहानी सच्ची है या नहीं इस बारे में भी कुछ स्पष्ट नहीं कहा जा सकता है। लेकिन चॉल में रहने वाले लोग सूर्यास्त के बाद घरों के अंदर ही रहते हैं।

कोलकाता, राइटर्स बिल्डिंग

कोलकाता, राइटर्स बिल्डिंग

इस पुरानी बिल्डिंग में प्रशासनिक कर्मचारी काम करते हैं लेकिन कोई भी सूर्यास्त के बाद नहीं ठहरता है। इस बिल्डिंग के कई कमरे खाली पड़े हैं और उन्हें दशकों से नहीं खोला गया है। इस जगह को लेकर ये कहानी प्रचलित है कि यहां के खाली कमरे अब भूतों का बसेरा बन चुके हैं और शाम होने के बाद से ही यहां डरावनी आवाजें आती हैं। यहां शाम के बाद चीखने और चिल्लाने की आवाजें आती हैं। जांच में इनमें से किसी भी घटना के विशेष कारण का पता नहीं चल पाया है, जिससे यह स्थान काफी डरावना माना जाता है।

बारोग टनल, हिमाचल प्रदेश

बारोग टनल, हिमाचल प्रदेश

हिमाचल प्रदेश का बारोग टनल भी भूतहा स्थान माना जाता है। यह शिमला-कालका मार्ग पर रेलवे स्टेशन के पास स्थित है। इसके डरावना होने के पीछे की कहानी ये है कि यहां 20वीं शाताब्दी की शरुआत में एक इंजीनियर ने आत्महत्या कर ली थी। टनल नंबर 33 को ही बारोग टनल के नाम से जाना जाता है। इसके पीछे की कहानी शुरू होती है साल 1903 से। जब ब्रिटिश सरकार ने उस समय के सुनसान क्षेत्र में टनल बनाने के लिए कर्नल बारोग को नियुक्त किया। कर्नल बारोग अपने काम में काफी निपुण थे लेकिन उनके कैल्कुलेशन में कुछ गलती हो गई थी, जिसके चलते सुरंग लगातार गहरी होती जा रही थी। इससे उनकी सारी मेहनत पर पानी फिर गया।

इसके बाद कर्नल बारोग डिप्रेशन में आ गए, उन्हें लगा कि इसके लिए उन्हें काफी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ेगा। इसके बाद उन्होंने टनल के अंदर ही खुद को गोली मार ली। हालांकि बाद में एक अन्य इंजीनियर ने टनल को पूरा करने का काम किया। लेकिन ऐसा कहा जाता है कि कर्नल बारोग ने इस स्थान को कभी नहीं छोड़ा। इस रेलवे स्टेशन को बारोग रेलवे स्टेशन नाम दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें टनल के पास कर्नल की आत्मा कई बार दिखाई देती है। हालांकि ये भी कहा जाता है कि कर्नल बारोग की आत्मा ने आज तक किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया है।

खैरताबाद साइंस कॉलेज, हैदराबाद

खैरताबाद साइंस कॉलेज, हैदराबाद

तेलंगाना के हैदराबाद शहर में स्थित खैरताबाद साइंस कॉलेज कभी चहल पहल वाला स्थान हुआ करता था। लेकिन आज के समय में कई वजहों से इसे डरावना माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि जिस समय इस कॉलेज को बंद किया गया, तब यहां की बायोलॉजी लैब में कुछ शव थे, जिन्हें ऐसे ही छोड़ दिया गया। इसके बाद से शहर के लोग इस बिल्डिंग को लेकर कई तरह की कहानियां सुनाते हैं। ऐसा कहा जाता है कि यहां कंकालों को चलते देखा गया है। इस स्थान से अजीबों गरीब आवाजें आती हैं। इसके अलावा यहां बिल्डिंग की सुरक्षा के लिए एक गार्ड को नियुक्त किया गया था, जिसकी रहस्यमय तरीके से मौत हो गई थी।

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