भारत की ऐसी 5 जगह जहाँ खुद के ही देशवासियो के जाने पर लगा है बैन, और विदेशियों का होता है धूमधाम से स्वागत

 
भारत की ऐसी 5 जगह जहाँ खुद के ही देशवासियो के जाने पर लगा है बैन, और विदेशियों का होता है धूमधाम से स्वागत

लाइफस्टाइल न्यूज डेस्क।। भारतीय विदेश यात्रा करना पसंद करते हैं। भारत में घूमने के लिए कई जगह हैं, जहां लोग जाते हैं और खूब मस्ती करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में ही कई ऐसी जगहें हैं जहां भारतीयों पर पूरी तरह से पाबंदी है। हालांकि, उन जगहों पर विदेशी पर्यटकों का खुलेआम स्वागत किया जाता है। इन विशेष स्थानों पर प्रतिबंध के कारण भारतीय अपने ही देश में कई क्षेत्रों की यात्रा नहीं कर पा रहे हैं। हालांकि ये स्थान विदेशी पर्यटकों के लिए हमेशा खुले रहते हैं। आइए जानते हैं कौन सी हैं वो जगहें।

गोवा का इकलौता फॉरेनर्स बीच
गोवा के फॉरेनर्स ओनली बीच पर भारतीय जीवन पूरी तरह प्रतिबंधित है। गोवा की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से पर्यटन पर निर्भर है, जिसका एक बड़ा हिस्सा विदेशी पर्यटकों से आता है। कहा जाता है कि कई ऐसे समुद्र तट हैं जहां सिर्फ विदेशी पर्यटकों को ही प्रवेश की अनुमति है। भारतीय पर्यटकों का इस समुद्र तट पर जाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इसका कारण विदेशी पर्यटकों को शांति भंग करने से रोकना है।

भारत की ऐसी 5 जगह जहाँ खुद के ही देशवासियो के जाने पर लगा है बैन, और विदेशियों का होता है धूमधाम से स्वागत

अंडमान और निकोबार का उत्तरी प्रहरी द्वीप
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का उत्तरी प्रहरी द्वीप विशेष रूप से आदिवासियों द्वारा बसा हुआ है। द्वीप का बाहरी दुनिया से कोई संपर्क नहीं है। इस आइलैंड पर बाहर से आने वाले किसी भी व्यक्ति का आना मना है।

हिमाचल प्रदेश के कसोल इलाके में फ्री कैफे
फ्री कसोल कैफे हिमाचल प्रदेश के कसोल में स्थित है। कैफे को इजरायली मूल के लोग चलाते हैं। भारतीय पर्यटकों का वहां जाना प्रतिबंधित है। कैफे संचालकों का कहना है कि वे केवल अपने सदस्यों को भोजन और नाश्ता परोसते हैं। इस मुद्दे पर कई विवाद हुए हैं, लेकिन अर्थव्यवस्था में विदेशी पर्यटकों की बड़ी हिस्सेदारी को देखते हुए सरकार इस मामले में ज्यादा सख्ती नहीं करती है।

भारत की ऐसी 5 जगह जहाँ खुद के ही देशवासियो के जाने पर लगा है बैन, और विदेशियों का होता है धूमधाम से स्वागत

रेड लॉलीपॉप छात्रावास चेन्नई
चेन्नई में रेड लॉलीपॉप छात्रावास केवल विदेशी पर्यटकों को स्वीकार करता है। होटल प्रबंधन के अनुसार, वे केवल पहली बार भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों को ही सेवा प्रदान करते हैं। छात्रावास भारतीय पर्यटकों को अपनी सुविधा प्रदान नहीं करते हैं। इस छात्रावास में प्रवेश पासपोर्ट देखने के बाद ही दिया जाता है।

बंगलौर में ऊनो-इन-होटल
बैंगलोर शहर में यूनो-इन नामक एक होटल में भारतीयों के प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया था। केवल जापानी लोगों को ही होटल में प्रवेश करने की अनुमति थी। इस होटल को साल 2012 में बनाया गया था। इसके बाद करीब 2 साल बाद नस्लीय भेदभाव के आरोप लगने पर होटल को बंद कर दिया गया।

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