धरती पर सभी इंसान हैं एलियंस! इस ग्रह से आया है जीवन, वैज्ञानिकों का चौंकाने वाला दावा

 
धरती पर सभी इंसान हैं एलियंस! इस ग्रह से आया है जीवन, वैज्ञानिकों का चौंकाने वाला दावा

लाइफस्टाइल न्यूज डेस्क।।  एलियंस को लेकर आए दिन चौंकाने वाले दावे किए जाते हैं। क्या ब्रह्मांड में एलियंस मौजूद हैं? इस सवाल का जवाब वैज्ञानिक सालों से खोज रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला है। हालांकि एलियंस को लेकर आए दिन नए-नए दावे किए जा रहे हैं। अब वैज्ञानिकों ने एक अजीब और चौंकाने वाला दावा किया है। वे कहते हैं कि पृथ्वी पर जीवन एक ऐसे ग्रह से आया है जो अरबों किलोमीटर दूर है।

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इंसान एलियन हैं? मानव डीएनए में पहली बार क्षुद्रग्रहों में रासायनिक ब्लॉक पाए गए हैं। ये क्षुद्र ग्रह अरबों साल पहले पृथ्वी से टकराए थे। अब उनका सुझाव है कि पृथ्वी पर जीवन कहीं और से आया है। इसके अलावा अन्य दूर के ग्रहों पर भी मनुष्य हो सकते हैं।
 
पृथ्वी पर सभी मनुष्य एलियन हैं!

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, वैज्ञानिकों ने तीन कार्बन युक्त उल्काओं, मर्सीसन, मरे और टैगिश झील का उच्च-तकनीकी परीक्षण किया है। जापान में होक्काइडो विश्वविद्यालय के प्रोफेसर यासुहिरो ओबा कहते हैं, "हमें न्यूक्लियोबेस सहित बहुत सारी जैविक सामग्री मिली है।" ये जैविक पदार्थ मानव जीवन के लिए आवश्यक ब्लॉक हैं।

धरती पर सभी इंसान हैं एलियंस! इस ग्रह से आया है जीवन, वैज्ञानिकों का चौंकाने वाला दावा

होक्काइडो विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों का कहना है कि ये कार्बनिक पदार्थ चार अरब साल पहले क्षुद्रग्रहों, उल्काओं, धूमकेतुओं और ग्रहों से धूल के कणों से पृथ्वी पर लाए गए होंगे। उनका कहना है कि जब धरती पर अंतरिक्ष का मलबा बरसेगा।

इस तरह पृथ्वी पर जीवन की उत्पत्ति हुई

यासुहिरो ओबा का मानना ​​है कि अंतरिक्ष से आने वाली सामग्री ने पृथ्वी पर जीवन के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने खोज को "बहुत रोमांचक" बताया। यह हमारी समझ का विस्तार करता है कि यह जीवन कैसे शुरू हुआ, वे कहते हैं।

उन्होंने कहा कि पृथ्वी पर जीवन के आधार के लिए डीएनए और आरएनए बनाने के लिए दो प्रकार के न्यूक्लियोबेस की आवश्यकता होती है, जिन्हें पाइरीमिडीन और प्यूरीन कहा जाता है। इससे पहले, केवल उल्कापिंडों में प्यूरीन पाया जाता था।

एलियंस से बात करने की तैयारी में नासा

पहले खबर आई थी कि नासा एलियंस से बात करने की तैयारी कर रही है। दरअसल नासा की योजना एलियंस को उनकी भाषा में संदेश भेजने की है, जिस पर अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी के वैज्ञानिकों ने भी काम शुरू कर दिया है। कैलिफोर्निया में नासा की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी के वैज्ञानिक इस परियोजना पर काम कर रहे हैं, जिसका नेतृत्व डॉ। जोनाथन जियांग कर रहा है।

ऑक्सफोर्ड के वैज्ञानिकों ने दी चेतावनी

नासा के इस प्लान को लेकर ऑक्सफोर्ड के वैज्ञानिकों ने चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि नासा की योजना बाहरी अंतरिक्ष में पृथ्वी की स्थिति का खुलासा कर सकती है। इसके अलावा एलियंस को धरती पर हमला करने की लोकेशन मिल जाएगी।

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