अगर गलती से दूसरे कहते में चला गया है पैसा, तो परेशान होने की नहीं है जरुरत, इन तरीकों से मिल जाएंगे वापस

 
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लाइफस्टाइल न्यूज डेस्क।। आजकल ज्यादातर ट्रांजैक्शन डिजिटल हो रहे हैं। रोजमर्रा की खरीदारी के लिए भुगतान करना हो या बड़े भुगतान करना, सभी प्रकार के लेनदेन ऑनलाइन बैंकिंग या मोबाइल वॉलेट के माध्यम से किए जा रहे हैं। वैसे, डिजिटल बैंकिंग ने बैंक संचालन को सरल बना दिया है। खासकर यूपीआई के आने से अगर आप पैसे भेजना चाहते हैं या कहीं भी ऑर्डर देना चाहते हैं तो यह बहुत आसान हो गया है। लेकिन इसके साथ कुछ जोखिम भी बढ़ गए हैं।

भले ही डिजिटल भुगतान ने खरीदारी करना और दूसरों को पैसा भेजना आसान बना दिया है। एक बटन के क्लिक पर पैसा ट्रांसफर और प्राप्त किया जा सकता है। लेकिन इस आसानी के साथ गलत भुगतान करने का डर भी आता है। अगर आपने गलत खाते में पैसा ट्रांसफर कर दिया है, तो आप इसे कैसे वापस पा सकते हैं? इसी के बारे में आज हम आपको विस्तार से बताने जा रहे हैं।

हाल ही में हुई एक घटना

आपको बता दें कि हाल ही में एक घटना घटी है। दरअसल, 29 जून 2022 को मुंबई की रहने वाली एक महिला ने 7 लाख रुपये ऑनलाइन गलत खाते में ट्रांसफर कर दिए। महिला जब मदद के लिए अपने बैंक पहुंची तो बैंक ने महिला की गलती बताई और बैंक ने महिला की नहीं सुनी। इसके बाद महिला ने साइबर सेल से संपर्क किया, जिसने उसे उसके पैसे वापस दिलाने के लिए सभी कदम उठाए। 2 जुलाई 2022 को महिला को उसका पैसा वापस मिल गया।

जानिए आपको कौन से तरीके अपनाने चाहिए

यदि आप अपना भुगतान प्राप्त करना चाहते हैं, तो आपको इसके लिए तुरंत बैंक से संपर्क करना चाहिए।
आप अपने बैंक मैनेजर या रिलेशनशिप मैनेजर को यह कॉल करते हैं और लेन-देन के सभी विवरण (राशि, समय, लाभार्थी और प्राप्तकर्ता दोनों का खाता विवरण) अपने पास रखते हैं।
टेलीफोन पर शिकायत करने के साथ-साथ, आपको अपनी नजदीकी शाखा में जाना होगा और वहां घटना के सभी विवरण देते हुए एक आवेदन जमा करना होगा।

ऐसे में आसान होगा
मान लीजिए कि आपने गलती से किसी गलत खाते में पैसा ट्रांसफर कर दिया है, अगर वह गलत लाभार्थी उसी बैंक में खाताधारक है जिसमें आपका खाता है, तो ऐसी स्थिति में प्रक्रिया आसान हो जाती है। अन्यथा आपका बैंक गलत लाभार्थी के बैंक से संपर्क करेगा और रिवर्सल शुरू करेगा। गलत खाते में पैसा ट्रांसफर होने पर तुरंत शिकायत दर्ज कराना बहुत जरूरी है।

सिविल प्रक्रिया संहिता
यदि सब कुछ ठीक रहा, तो धन गलत प्राप्तकर्ता को वापस कर दिया जाना चाहिए। लेकिन ऐसा भी हो सकता है कि जिस व्यक्ति को आपने गलत खाते में पैसे ट्रांसफर किए हैं, वह आपको पैसे वापस करने से मना कर दे। ऐसे में नागरिक प्रक्रिया संहिता या सिविल प्रक्रिया संहिता के तहत धन की वसूली के लिए दीवानी वाद दायर करने के लिए तैयार रहना चाहिए।

पता करें कि आपको कितना समय मिलता है
यदि आप धन की वसूली के लिए वाद दायर करते हैं, तो अवधि कार्रवाई का कारण उत्पन्न होने की तारीख से 3 वर्ष है। ऐसा तब होता है जब पैसे गलत खाते में ट्रांसफर हो जाते हैं। डिजिटल लेनदेन के लिए एक लोकपाल भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा नियुक्त एक वरिष्ठ अधिकारी है।

वर्तमान में डिजिटल लेनदेन के लिए 21 लोकपाल नियुक्त किए गए हैं, जिनका कार्यकाल ज्यादातर राज्य की राजधानी में है। शिकायत सादे कागज पर लिखकर लोकपाल के संबंधित कार्यालय को डाक, फैक्स, हाथ से सुपुर्दगी से भेजकर की जा सकती है।

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