ये है दुनिया का सबसे अजीबो गरीब बाजार, जहां सिर्फ महिलाएं करती है काम, जानिए क्यों?

 
ये है दुनिया का सबसे अजीबो गरीब बाजार, जहां सिर्फ महिलाएं करती है काम, जानिए क्यों?

लाइफस्टाइल न्यूज डेस्क।। पूरी दुनिया में लोग अलग-अलग रीति-रिवाजों का पालन करते हैं। कहीं पुरुष घर का काम करते हैं तो कहीं महिलाओं को घर से बाहर जाने की आजादी नहीं है। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे शहर के बारे में बताने जा रहे हैं जहां बाजार में सिर्फ महिलाएं काम करती हैं और यहां कोई भी पुरुष काम नहीं करता है। यह बाजार हमारे देश में है। दरअसल, मणिपुर की राजधानी इंफाल में इमा मार्केट (मां का बाजार) महिलाओं द्वारा चलाया जाता है। यह एशिया में महिलाओं द्वारा संचालित सबसे बड़ा बाजार है। करीब 6,000 महिलाएं यहां तरह-तरह के सामान बेचती हैं।

मदर्स मार्केट को स्थानीय रूप से खेरबंद बाज़ार या नूपी कैथल के नाम से भी जाना जाता है। कई महिलाएं यहां पीढ़ियों से दुकान लगा रही हैं। यहां हर तरह की चीजें बिकती हैं। जैसे हैंडीक्राफ्ट का सामान, खिलौने, कपड़े, ब्यूटी प्रोडक्ट्स, खाने-पीने की चीजें, मसाले, सब्जियां, मीट, घरेलू सामान आदि। 1948-52 के बीच कुछ लोग इस बाजार की जमीन को खाली करना चाहते थे, लेकिन महिलाओं ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। अधिकांश महिलाएं सामाजिक-आर्थिक मुद्दों पर चर्चा करने के लिए दोपहर में इकट्ठी होती हैं।

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इस बाजार में पुरुषों का कोई हाथ नहीं है। यहां सारा काम महिलाएं ही करती हैं। पहले यह मार्केट एक शेड में लगता था, लेकिन बाद में इंफाल म्यूनिसिपल काउंसिल ने यहां चार मंजिला बिल्डिंग बना दी। अब इस बिल्डिंग में सारी दुकानें लग गई हैं। 1786 के मणिपुर गजेटियर के मुताबिक यह मार्केट कई सौ साल पुराना है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह बाजार पूरी तरह से महिलाओं द्वारा चलाया जाता था क्योंकि मणिपुर की मैती जनजाति के पुरुषों ने चीन और बर्मा के साथ युद्ध लड़ा था। इस वजह से महिलाएं ही परिवार का पालन-पोषण करती थीं।

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1948-52 के बीच कुछ लोग इस बाजार की जमीन को खाली करना चाहते थे, लेकिन महिलाओं ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। विधवा, परिवार में अविवाहित या जिनके पति की मृत्यु हो चुकी है। ऐसी महिलाओं के लिए यहां दुकानें आवंटित की गई हैं। महिला दुकानदार आमतौर पर यहां पारंपरिक परिधान में नजर आती हैं।

500 साल पुराने बाजार ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। 1891 में, जब ब्रिटिश काउंसिल प्रशासन ने मणिपुर पर आर्थिक और राजनीतिक सुधार लागू किए, तो बाजार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। अंग्रेजों ने मनमाने ढंग से देश के बाहर अनाज बेचना शुरू कर दिया। जिससे यहां भूखे मरने का समय हो गया था। जब महिलाओं ने अंग्रेजों का जमकर विरोध किया। तब अंग्रेजों को पीछे हटना पड़ा।

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