40 लाख की नौकरी छोड़ महिला बन गई ‘काम वाली बाई’, कहा साफ-सफाई करने में खुशी मिलती है

 
40 लाख की नौकरी छोड़ महिला बन गई ‘काम वाली बाई’, कहा साफ-सफाई करने में खुशी मिलती है

लाइफस्टाइल न्यूज डेस्क।। एक अच्छी-खासी सैलरी हो कौन नहीं चाहेगा, उसकी लाइफ लग्जुरियस हो. इस मुकाम को कई लोग मेहनत से हासिल कर लेते हैं, तो यह महज सपना बनकर ही कुछ के लिए रह जाता है. लेकिन  ऐसी भी एक महिला है, कॉरपोरेट की जिसने हैंडसम सैलरी सिर्फ इसलिए छोड़ दी, क्योंकि ‘काम वाली बाई’ बनना उसका सपना था. इस सपने को पूरा करने के लिए इस महिला ने अपने 40 लाख की नौकरी छोड़ दी.

एक रिपोर्ट के मुताबिक, वेबसाइट द सन में क्लेयर बर्टन नाम की ब्रिटेन की एक महिला ने दूसरों के घरों में क्लीनिंग का काम अच्छी-खासी कॉरपोरेट जॉब को छोड़कर शुरू किया है. क्लेयर का कहना है कि उन्हें बेहद खुशी दूसरों के घरों में साफ-सफाई करके मिलती है. बता दें कि 2001 में एक बैंक में कस्टमर सर्विस रिप्रजेंटेटिव के तौर पर इस महिला ने नौकरी की शुरुआत की थी. तब सालाना 15 लाख क्लेयर की सैलरी थी. उन दिनों 1996 से रिलेशनशिप में क्लेयर, हेनरी (बदला हुआ नाम) नाम के एक लड़के के साथ थीं.

40 लाख की नौकरी छोड़ महिला बन गई ‘काम वाली बाई’, कहा साफ-सफाई करने में खुशी मिलती है

क्लेयर ने बताया कि अचानक से इतना कुछ होने के बाद वे डिप्रेशन में चली गईं. इससे बाहर आने के लिए उन्होंने घर की साफ-सफाई करना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक ऐसे पेज को लाइक किया था, जिसमें घर की साफ-सफाई से संबंधित वीडियोज शेयर किए जाते थे. क्लेयर बताती हैं, 2003 में दोनों ने शादी का फैसला किया. इसके बाद खुशहाल जिंदगी जीने लगे. 14 साल तक तो सबकुछ सही चला. 2017 में क्लेयर का प्रमोशन हुआ. उनकी सालाना सैलरी 40 लाख रुपए हो गई. लेकिन इसी साल उनके कैंसर से उनके पिता की मौत हो गई. इससे क्लेयर काफी टूट गईं. लेकिन इस मुश्किल वक्त में साथ देने की बजाए उनके पति ने उन्हें छोड़ दिया. चूंकि क्लेयर को यह सब करना पसंद था, इसलिए उन्होंने इसी काम को करने का मन बना लिया.

क्लेयर बताती हैं कि आज उनके पास छह क्लाइंट्स हैं. क्लेयर की मानें, तो ऑफिस के मेल भेजने से ज्यादा उन्हें दूसरों के घरों में साफ-सफाई करने में ज्यादा खुशी मिलती है. बता दें कि क्लेयर अपनी पहली नौकरी की तुलना में 70 फीसदी कम सैलरी पाती हैं, लेकिन वे इस जॉब से काफी खुश हैं. उनका कहना है कि जो नौकरी आपको खुशी देती है, उसमें आपका मन भी लगता है. कोविड महामारी के दौरान जब लोगों की नौकरियां दांव पर लगने लगीं, तब क्लेयर ने खुद अपनी जॉब छोड़कर क्लीनिंग का काम शुरू कर दिया. इसके बाद एक एजेंसी से जुड़ गईं और दूसरों के घरों में क्लीनिंग काम शुरू कर दिया. 

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