10वीं सदी का प्राचीन Trilokinath Temple हुआ ऑनलाइन, जानिए मंदिर की खासियत

 
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लाइफस्टाइल डेस्क, जयपुर।। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले में 10वीं सदी में स्थापित त्रिलोकनाथ मंदिर अब बस एक क्लिक की दूरी पर है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।भक्त अब सुबह और शाम दोनों समय आरती में भाग ले सकते हैं।केलांग जिला मुख्यालय से लगभग 45 किमी दूर यह मंदिर पश्चिमी हिमालय में चंद्रभागा घाटी में स्थित है। त्रिलोकनाथ मंदिर का प्राचीन नाम टुंडा विहार है। हिंदू त्रिलोकनाथ देवता को भगवान शिव मानते हैं, जबकि बौद्ध देवता को आर्य अवलोकितेश्वर मानते हैं। देवों के देव महादेव का एक मंदिर इन दिनों चर्चा में है. वजह ये है बेहद प्राचीन इस मंदिर के अब ऑनलाइन दर्शन किए जा सकेंगे. ये मंदिर है हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले में. 10वीं सदी में स्थापित इस त्रिलोकनाथ मंदिर के अब बस एक क्लिक से दर्शन किए जा सकेंगे. 

प्रशासन की ओर से ये जानकारी दी गई है. भक्त अब सुबह और शाम दोनों समय की आरती में ऑनलाइन भाग ले सकते हैं. केलांग जिला मुख्यालय से लगभग 45 किमी दूर यह मंदिर पश्चिमी हिमालय में चंद्रभागा घाटी में स्थित है. त्रिलोकनाथ मंदिर का प्राचीन नाम टुंडा विहार है.

हिंदू त्रिलोकनाथ देवता को भगवान शिव मानते हैं, जबकि बौद्ध देवता को आर्य अवलोकितेश्वर मानते हैं.

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