क्या आप जानते हैं महिलाओं द्वारा बनाये इन 5 भारतीय स्मारकों के बारे में, क्या है इनका इतिहास

 
क्या आप जानते हैं महिलाओं द्वारा बनाये इन 5 भारतीय स्मारकों के बारे में, क्या है इनका इतिहास

ट्रेवल न्यूज डेस्क।। भारतीय इतिहास में कई शक्तिशाली और महान राजा हुये है जिन्होने अपनी ताकत से पुरे देश पर राज किया है ऐसे में महिलायें भी शासन करने में पिछे नहीं रही है। पहले शासक कई किले व स्मारकों का निर्माण करवाते थे। ऐसे में महिला शासकों की भी कमी नहीं है जिन्होंने अपनी विरासत को मज़बूत बनाने के लिए कई स्मारकों का निर्माण किया, साथ ही अपने साम्राज्य का विकास किया। उन्होंने भी देश में कई ऐसे खूबसूरत स्मारक बनाएं जिसमें बारीक नक्काशी, वास्तुकला और एतिहासिक का महत्व साफ दिखता है। भारत में राजा महाराजाओं द्वारा स्मारको को बनाने का चलन था, जिसमें महिला शासक भी पीछे नहीं रही। लेकिन भारत में कुछ चुनिंदा स्मारकों का निर्माण देश की महिला शासकों ने भी कराए थे। आइए जानते हैं इनके बारे में

दिल्ली में हुमायूं का मकबरा: यह स्मारक फ़ारसी और भारतीय शैली को मिलाकर बनाई गई सबसे पुरानी रचनाओं में से एक है। नई दिल्ली में स्थित हुमायूं का मकबरा भारत के प्रसिद्ध मकबरों में से एक है, जिसका निर्माण हुमायूं की बेग़म, हामिद बानो बेग़म ने करवाया था। हामिदा बेगन के मरने के बाद उन्हें भी इस मक़बरे में दफ़नाया गया था।

आगरा में इतिमाद-उद-दौला का मक़बरा: यह मकबरा बाग़ में स्थित किसी ख़ज़ाने के बक्से की तरह दिखता है जिसमें कोरल के साथ लाल और पीले बालू के पत्थर पर बारीक काम किया गया है। महारानी नूर जहां ने भारत में संगमरमर का सबसे पहला मकबरा अपने पिता मीर गयास बेग की याद में सन् 1622 से 1628 के बीच बनवाया था जिसका नाम इतिमाद-उद-दौला का मक़बरा है। 

क्या आप जानते हैं महिलाओं द्वारा बनाये इन 5 भारतीय स्मारकों के बारे में, क्या है इनका इतिहास

गुजरात में रानी की वाव: गुजरात के पाटण में मौजूद इस वाव को रानी उदयमति द्वारा अपने पति राजा भीमदेव प्रथम की याद में सन् 1063 में बनवाया गया था। भारत की सबसे खूबसूरत बावलियों में से एक रानी की बावली दुनिया की सबसे पहली वाव है जिसे यूनेस्को द्वारा विश्व विरासत धरोहरों की सूचि में रखा गया है। सरस्वती नदी के किनारे बसा यह वाव नदी के कीचड़ से भर गया था जिसे भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा फिर से खोद कर निकाला गया है।


कर्नाटक का मिरजान किला:  यह किला ऊंची दीवारों और ऊंचे गढ़ों की डबल परत से घिरा हुआ है, जिसे गरसोप्पा की रानी, चेन्नाभैरादेवी द्वारा बनवाया गया। उन्हें रैना दे पिमेंता भी कहा जाता था जिसका मतलब काली मिर्च की रानी है। उनका नाम काली मिर्च पर इसलिए पड़ा क्योंकि वो उस जगह शासन करती थीं जहां काली मिर्च की ज्यादा पैदावार होती थी। मिरजान किला कर्नाटक के पूर्वी कन्नड़ जिले के पश्चिमी तट पर बसा हुआ है। 

नई दिल्ली में खैर-अल-मंजिल मस्जिद:  महम अंगा मुग़ल दरबार की सबसे प्रभावशाली महिला थीं जिन्होंने अकबर के बचपन के समय मुग़ल साम्राज्य पर शासन किया। नई दिल्ली में खैर-अल-मन्ज़िल मस्जिद का निर्माण सन् 1561 में अकबर की दाई मां महम अंगा ने कराया था। विद्वानों के अनुसार इस मस्जिद का इस्तेमाल मदरसे के रूप में भी किया जाता था  

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