अगर आप भी खराब electronic devices कबाड़ी को बेचते हैं तो हो जाएं सावधान! हो सकता है बड़ा नुकसान

 
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आज हम सभी के पास कोई ना कोई बिजली का उपकरण जरूर है जिसके खराब होने के बाद हम लोग उसे कबाडी को बेच देते हैं मगर क्या आप जानते हैं कि खराब डिवाइस को कबाडी का नहीं बेचना चाहिए मगर कयों, तो चलिए आज हम आपको इसके बारे में बता दें । दरअसल इलेक्ट्रॉनिक स्क्रैप कारोबारी अवैध रूप से चीन भेज रहे हैं तो ऐसे में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में मौजूद आपका डाटा चोरी होने का डर हमेशा रहता हैं । विशेषज्ञों ने बताया है कि, इन खराब इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में भी आपका डाटा सेव रहता है और कोई भी तकनीक का जानकार वह डाटा चुरा सकता है । आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, हाल ही में, गाजियाबाद के लोनी की पुलिस व क्राइम ब्रांच ने मोबाइल टावर्स से मॉडम व नेटवर्क कार्ड चोरी कर चीन भेजने के मामले का खुलासा किया है । इस मामले में पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ करने पर पता चला कि, कबाड़ियों द्वारा इलेक्ट्रॉनिक स्क्रैप अवैध रूप से चीन भेजा जा रहा है ।

इसके आगे बता दें कि, सूचना क्रांति के चलते दुनियाभर में बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का उत्पादन और इस्तेमाल हो रहा है​ जिसके कारण बड़ी संख्या में E-Waste भी तैयार हो रहा है । सरकारी आंकड़ों के अनुसार बताया जा रहा है कि, दुनियाभर में हर साल करीब 25-50 मीट्रिक टन ई-वेस्ट पैदा होता है ।

इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बेचते समय रखें इन बातों का ध्यान :—

सबसे पहली बात इलेक्टॉनिक डिवाइस को कबाड़ी आदि को कभी नहीं बेचना चाहिए और और ना ही उन्हें आम कचरे की तरह कूड़े में फेकना चाहिए ।

अगर सीपीयू आदि बेच रहे हैं तो उसकी हार्ड डिस्क को तोड़ दें ।

कंप्यूटर या लैपटॉप की हार्ड डिस्क, रैम, मदर बोर्ड को निकालने के बाद ही बेचना चाहिए ।

मोबाइल को फॉरमेट करके या फिर पूरी तरह से तोड़कर ही बेचना चाहिए ।

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