धरती पर हो सकती है तबाही, समुद्र में हुआ अब तक का सबसे बड़ा विस्फोट, जानें क्या है मामला

 
धरती पर हो सकती है तबाही, समुद्र में हुआ अब तक का सबसे बड़ा विस्फोट, जानें क्या है मामला

लाइफस्टाइल डेस्क, जयपुर।।  दुनिया में हर दिन कहीं ना कहीं कई खतरनाक घटनाएं होती रहती है।  ऐसे में पूर्वी अफ्रीकी और मेडागास्कर बीच बन रहा है ये ज्वालामुखी रिपोर्ट्स के मुताबिक शोधकर्ता कहना है कि,ये पूर्वी अफ्रीकी और मेडागास्कर दरारों के बीच की टेक्टोनिक संरचना का हिस्सा होने की संभावना है। एक विशाल भूकंप गतिविधि ने एक नए अंडर-सी ज्वालामुखी को जन्म दिया है। मई 2018 में पूर्वी तट के मैयॉटे द्वीप को हिला देने वाले भूकंप के बाद समुद्र तल में एक नई संरचना बन रही है। यह नई संरचना समुद्र तल से 820 मीटर (2,690 फीट) तक उंची है। शोधकर्ता सामने आए इस अंडर-सी की गुत्थी सुझाने की कोशिश कर रहे हैं। शोधकर्ताओं ने अपने पेपर में लिखा, "यह अब तक का सबसे बड़ा सक्रिय समुद्र के अंदर का विस्फोट है। इसके परिणाम स्वरूप 15 मई को 5.8 तीव्रता का भूकंप आया। यह वैज्ञानिकों को गहरी पृथ्वी प्रक्रियाओं को समझने में मदद कर रहा है। जिसके बारे में हम अपेक्षाकृत कम जानते हैं। 

यह समुद्री ज्वालामुखी एक फ्रांसीसी क्षेत्र मैयॉटे से करीब 50 किमी दूर स्थित है। ज्वालामुखी कोमोरोस द्वीपसमूह का हिस्सा है। जो अफ्रीका के पूर्वी तट और मेडागास्कर के उत्तरी सिरे के बीच में स्थित है। समुद्र के अंदर ऐसी बड़ी ज्वालामुखी घटना पहले कभी नहीं देखी गई पहले वैज्ञानिक समझ नहीं पाए कि ये भूकंप इस जगह पर किस वजह से आया। लेकिन बाद में इस ज्वालामुखी के बारे में पता चला। फ्रांस भूभौतिकीविद् की टीम ने खोजा ये ज्वालामुखी इस घटना के सामने आने के बाद कई फ्रांसीसी सरकारी संस्थानों ने इसकी जांच के लिए एक शोध दल भेजा थे। इसकी खोज पेरिस विश्वविद्यालय के भूभौतिकीविद् नथाली फ्यूइलेट के नेतृत्व में शोधकर्ताओं की एक टीम ने की है। रिसर्च में इससे पहले कभी भी समुद्र के अंदर ऐसी बड़ी ज्वालामुखी घटना को नहीं देखा था। 2019 के फरवरी में, टीम ने क्षेत्र की जांच शुरू की। उन्होंने समुद्र तल पर 3.5 किलोमीटर की गहराई तक भूकंपमापी का एक नेटवर्क भी रखा और इसे मैयॉटे के भूकंपीय डेटा के साथ जोड़ा। उन्होंने समुद्र तल के 8,600 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का नक्शा बनाने के लिए एक मल्टीबीम सोनार का उपयोग किया। 

धरती पर हो सकती है तबाही, समुद्र में हुआ अब तक का सबसे बड़ा विस्फोट, जानें क्या है मामला

इस सर्च में अधिकांश भूकंप बहुत उथले होते हैं। इस दौरान एक अत्यधिक असामान्य खोज सामने आई। 84 भूकंप की घटनाएं अत्यधिक असामान्य थीं और इनकी बहुत कम आवृत्तियों पर पता चला। 25 फरवरी और 6 मई 2019 के बीच, इस नेटवर्क ने 17000 भूकंपीय घटनाओं का पता लगाया। जिनकी गहराई समुद्र तल से लगभग 20 से 50 किलोमीटर थी। शोध में पता चला कि, नए ज्वालामुखी के नीचे, टेक्टोनिक प्रक्रियाओं ने लिथोस्फीयर को नुकसान पहुंचाया हो सकता है, जिसके परिणामस्वरूप मैग्मा को क्रस्ट के माध्यम से निकाला, इस प्रक्रिया में भूकंप पैदा हुआ। आखिरकार, इस मैग्मा ने समुद्र तल पर अपना रास्ता बना लिया, जहां यह फट गया। 
 

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