इन जगहों पर बने मां दुर्गा के प्रसिद्ध मंदिरों में जो भी करता है दर्शन, पूरी होती है उसकी हर मनोकामना

 
इन जगहों पर बने मां दुर्गा के प्रसिद्ध मंदिरों में जो भी करता है दर्शन, पूरी होती है उसकी हर मनोकामना

लाइफस्टाइल न्यूज डेस्क।। भारत में इस समया नवरात्रि का पर्व चल रहा है इन दिनों लोग देवी दुर्गा के सभी नौ रूपों की पूजा करते हैं। वहीं इन दिनों भक्त नवरात्री में माता रानी के मंदिरों में दर्शन करने के लिए जाते हैं। भारत में दु्र्गा मां के वैसे तो कई मंदिर है। लेकिन आज हम इस लेख में आपको देवी दुर्गा के 5 मशहूर मंदिरों के बारे में बताने जा रहे हैं। साथ ही इन मंदिरों के बारे मेें मान्यता है कि इन प्रसिद्ध मंदिरों में माता के दर्शन मात्र से ही मनचाहा फल मिलता है।

कामाख्या शक्तिपीठ, असम
यह असम की राजधानी गुवाहाटी से 8 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। माता का यह मंदिर कामाख्या शक्तिपीठ 51 शक्तिपीठों में पहले नंबर पर आता है। कहा जाता है कि इस स्थान पर माता सती की योनि गिरी थी। इसलिए हर साल 3 तीनों के दिन यहां माता रजस्‍वला होती हैं। मान्यता है कि देवी मां के इस मंदिर में मांगी गई मन्नत जल्दी ही पूरी हो जाती है।

इन जगहों पर बने मां दुर्गा के प्रसिद्ध मंदिरों में जो भी करता है दर्शन, पूरी होती है उसकी हर मनोकामना

नैना देवी मंदिर, नैनीताल
मां दुर्गा के 51 शक्तिपीठों में नैनीताल का नैना देवी मंदिर एक माना जाता है। बताया जाता है कि माता सती के अग्नि में जलने के बाद विष्णु जी ने उनके शरीर के 51 टुकड़े किए थे। उस दौरान माता की आंखें जिस स्थान पर गिरी थी वहां पर नैना देवी मंदिर स्थापित किया गया। लोग दूर-दूर से देवी मां के नेत्रों के दर्शन करने आते हैं।

ज्वाला देवी मंदिर, हिमाचल प्रदेश
पौराणिक कथा अनुसार, इस पावन स्थल पर देवी सती की जिह्वा गिरी थी। कहते हैं कि मंदिर की धरती से निकली ज्वाला दिन-रात जलती रहती है। देवी दुर्गा का ज्वाला देवी मंदिर, हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थापित है। यह मंदिर देवी के 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। इसलिए यह पावन स्थल ज्वाला देवी मंदिर के नाम से मशहूर है।

इन जगहों पर बने मां दुर्गा के प्रसिद्ध मंदिरों में जो भी करता है दर्शन, पूरी होती है उसकी हर मनोकामना

करणी माता मंदिर, राजस्थान
इस मंदिर के मशहूर होने की एक वजह यह भी है कि इस पावन स्थल पर ढेर सारे चूहे भी हैं। इस कारण यह 'चूहे वाला मंदिर' के नाम से भी जाना जाता है। करणी माता मंदिर, राजस्थान के बीकानेर से करीब 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां पर हर साल भक्तों की भीड़ रहती है।। यहां पर लोग देवी मां के दर्शन करने के बाद चूहों को भोजन भी खिलाते हैं। कई लोग खासतौर पर अपने घरों से चूहों के लिए भोजन लेकर आते हैं।

दक्षिणेश्वर काली मंदिर, पश्चिम बंगाल
कथा अनुसार करीब 170 साल पहले जान बाजार की महारानी रासमणि के सपने में मां काली ने दर्शन दिए थे। साथ ही माता रानी ने उन्हे आदेश दिया था कि इस जगह पर उसका मंदिर बनवाया जाए। उसके बाद इस पावन स्थल की स्थापना हुई। दक्षिणेश्वर काली मंदिर, पश्चिम बंगाल के कोलकाता में स्थित है। मां काली का यह मंदिर ही खूबसूरत बना हुआ है। देवी काली के इस मंदिर के दर्शन के लिए दूर-दूर से भक्त आते हैं।

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