अगर आप अभी मां बनी है तो आपको यह बातें भूलनी नहीं चाहिए 

 
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नौ महीने की प्रेगनेंसी के बाद जब घर में नन्‍हें मेहमान का आगमन होता है तो यह पल मां के लिए जितना सुखदाई होता है उतना ही स्‍ट्रेस (Stress) भरा भी. बच्‍चे की देख रेख में किसी तरह की कमी ना रह जाए इसके लिए मांएं (New Mother) हर संभव प्रयास करती हैं. लेकिन इस कोशिश में कई बार वे अति कर देती हैंबच्चे को नौ महीने गर्भ में धारण करने की वजह से वे कई बार इतना अधिक बच्‍चे के लिए प्रोट्रेक्टिव हो जाती हैं कि वे घर वालों के हाथों में बच्‍चे को देने में भी डर जाती हैं. ऐसा ना करें और यह यकीन रखिए कि आपका बच्‍चा सेफ हाथों में है

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कई बार बच्‍चों के उल्‍टी करने, रोने आदि पर भी मांएं जरूरत से ज्‍यादा घबरा जाती हैं. हम ये नहीं कहना चाहते कि आप ज़रूरत पड़ने पर एक्स्पर्ट्स की मदद न लें या छोटे-मोटे संकेतों को नज़रअंदाज़ करें, लेकिन हर बात पर चिंतित रहना भी आप दोनों की सेहत के लिए अच्छा नहीं है.बच्चों की देखरेख करते-करते अक्सर मांएं अपनी सेहत को नज़रअंदाज़ कर देती हैं.

दरअसल बच्चे की परवरिश करना काफ़ी थकाउ काम होता है ऐसे में भरपूर आराम करना और पूरी नींद लेना नई मां के लिए मुश्किल काम होता है. इन सब के बावजूद आपके लिए ख़ुश रहना और सेहतमंद रहना बहुत जरूरी है.पैरेंटल गाइड्स और किताबें काफ़ी काम की होती हैं लेकिन यकीन मानिए हर बच्‍चा अलग अलग होता है जिन्‍हें आप एक तरह परवरिश नहीं दे सकतीं. ऐसे में जानकारियां हासिल करें लेकिन अमल सोच विचार कर ही करें.

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