आप भी चाहती है अपने बच्चों से सही विकास, तो करें ये काम होंगे जबरदस्त फायदे

 
आप भी चाहती है अपने बच्चों से सही विकास, तो करें ये काम होंगे जबरदस्त फायदे

लाइफस्टाइल डेस्क, जयपुर।। बदलते लाइफस्टाइज के दौर में हर माता पिता अपने बच्चों को लेकर काफी परेशान रहते है। हर पैरेंटस का सपना होता है कि उनके बच्चे का बढने के साथ साथ शारिरीक व मानसी विकास भी सही से हो।  इसके लिए हर माता-पिता चिंतित रहते हैं। आज के समय में बच्चों के पालन-पोषण की चुनौतियां बढ़ गई हैं, क्योंकि अब ज्यादातर महिलाएं भी कामकाजी हैं। बच्चों को माता-पिता के साथ की जरूरत होती है। कम उम्र से ही बच्चों का खास तरीके से ख्याल रखने से उनका संतुलित विकास हो पाता है। इसके अलावा, अब ऐसे कई तरह के गैजेट्स आ गए हैं, जिनमें बच्चे व्यस्त तो रहते हैं, लेकिन इसका उन पर अच्छा असर नहीं पड़ता। यहां जानें कुछ टिप्स।

बच्चों के साथ फ्रेंडली रहें
बहुत से माता-पिता किसी न किसी बात को लेकर बच्चों को डांटते-फटकारते रहते हैं। इससे बच्चों के मन में डर बैठ जाता है और वे खुल कर अपनी बात नहीं रख पाते हैं। अगर पेरेन्ट्स बच्चों के साथ दोस्ताना बर्ताव करते हैं तो इसका उनके विकास पर अच्छा असर पड़ता है। इसलिए अगर आप चाहते हैं कि आपके बच्चे अपनी समस्याएं बताएं तो उनके साथ फ्रेंडली रहें। इससे बच्चों का सेल्फ कॉन्फिडेंस भी बढ़ता है।

हर समय उन्हें टोके नहीं
बच्चों को टोकना हर पेरेन्ट्स की आदत होती है और किसी भी बात को लेकर काफी पूछताछ करते हैं। बच्चे कई बार ऐसे काम कर देते हैं, जिनके बारे में बड़े सोच तक नहीं पाते। इससे बच्चों की कल्पना शक्ति और रचनात्मकता पर बुरा असर पड़ता है। इसलिए उनका ध्यान तो रखें, लेकिन उन्हें अपनी मर्जी का काम करने से हमेशा रोके नहीं।

आप भी चाहती है अपने बच्चों से सही विकास, तो करें ये काम होंगे जबरदस्त फायदे

गलती करने पर गुस्सा नहीं करें
अगर बच्चे कोई गलती करते हैं तो उन्हें प्यार से समझाएं। डांटने-फटकारने से बच्चे डर जाते हैं, जिसका उनके मन पर नकारात्मक असर होता है। किसी बच्चे को बार-बार डांटने-फटकारने पर उनका आत्मविश्वास कमजोर हो जाता है और उनमें हीन भावना आ जाती है।

अपने काम खुद करने दें
बच्चों को उनके अपने काम खुद करने दें। आप सोचते है कि बच्चे अपने काम ठीक से नहीं कर पाएंगे, इसलिए वे उनके छोटे-छोटे काम भी कर देते हैं। इससे बच्चों में दूसरों पर निर्भर रहने की आदत होने लगती है। उन्हें कुछ जिम्मेदारी भी सौंपे। इससे बच्चों में आत्मनिर्भरता की भावना आती है।

बच्चों से बात करने का समय निकालें
पेरेन्ट्स से बातें करने पर बच्चों को अच्छा महसूस होता है और उनमें सुरक्षा की भावना विकसित होती है। उनका मनोबल बढ़ता है। आप बच्चों से उनकी रुचि के किसी विषय पर बात कर सकते हैं। इससे आपको भी बेहतर महसूस होगा। 

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