सर्दियों में कर रहे है पहाड़ों पर जाने का Plan? तो ये जगहें हो सकती है आपके लिए Best आप्शन

 
सर्दियों में कर रहे है पहाड़ों पर जाने का Plan? तो ये जगहें हो सकती है आपके लिए Best आप्शन

लाइफस्टाइल न्यूज डेस्क।। आपमें से ज्यादातर ने सर्दियों के मौसम में पहले से ही भारत के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में छुट्टियाँ मनाने की योजना बना ली होगी। आखिरकार, ठंड के समय में हर किसी का धूप में गर्म समुद्र तटों पर आराम करने या रेगिस्तान में तारों के आकाश के नीचे डेरा डालने का मन करेगा! लेकिन अगर आप पहाड़ों से प्यार करते हैं, तो आप बहुत ही कम कीमतों पर बहुत शानदार जगह घूम सकते हैं। हालांकि, इस तरह के अनुभवों के लिए अगर आप पीक सीजन में यात्रा का प्रोग्राम बना रहे हैं तो आपको दो चीज़ों से ज़रूर पाला पड़ेगा जो हर चीज़ के बढ़ाए हुए दाम और भारी भीड़-भाड़ वाली जगहें। आपको बस इन जगहों में से किसी एक पर जाना है।

1. कोटखाई
यह गाँव अपने सेब के बागों और प्रसिद्ध कोटखाई किले के लिए जाना जाता हैं । यह गाँव अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता और पूरी तरह से शांतिपूर्ण वातावरण की वजह से शानदार व शांत छुट्टी बिताने का विकल्प है। आप शिमला के पास किसी शांत और सुकून भरी जगह पर जाना चाहते हैं? शिमला से लगभग 58 कि.मी. दूर कोटखाई नाम का एक शांत व एकांत गाँव हैं जहाँ आपको इस सर्दी में जाना चाहिए। 

क्या देखें
आप यहाँ कोटखाई किले को करीब से देख सकते है जो की एक सांस्कृतिक जगह है, और अगर आपके पास समय है तो पास के पहाड़ी शहरों चोग, फागू और थेओग को करीब से जानने और देखने का भी मौका है। सर्दियों में, कोटखाई में भारी बर्फबारी होती है, फिर भी आप इसके अधिकांश हिस्सों में सड़क मार्ग से जा सकते हैं। आप यहाँ बर्फ में खेलने का आनंद ले सकते हैं व इसके प्रसिद्ध सेब के बागों मे घूम सकते है। हालांकि कोटखाई रुकने का मजा लेने के लिए एक बढ़िया जगह है।

2. रावंगला

यह पूर्वोत्तर राज्य सिक्किम के दक्षिणी क्षेत्र में स्थित एक विचित्र छोटा हिल स्टेशन जो की उत्तरी सिक्किम के कई लोकप्रिय स्थलों का प्रवेश द्वार है। हालांकि आप रवांगला से 8,000 फीट की ऊँचाई से हिमालय के भव्य नज़ारे देख सकते है फिर भी यह जगह पूर्वोत्तर में सबसे कम मशहूर जगहों में से एक है। टेडोंग और मेनम पहाड़ियों के बीच एक चोटी पर आराम से स्थित एक जगह है जिसे रावंगला कहा जाता है। हालांकि आप सर्दियों में सिक्किम के ऊपरी इलाकों का दौरा नहीं कर सकते, लेकिन इस जगह पर कुछ दिन बिताना बुरा विकल्प नहीं होगा।

क्या देखें
आप बुद्धा पार्क, रालोंग मठ, रालोंग हॉट स्प्रिंग्स, खेउन्फलिंग कालीन केंद्र का दौरा करें और वहाँ के स्थानीय हस्तशिल्प खरीद सकते है। साथ ही साथ आप मैंग्ब्रे गोम्पा और व्यू पॉइंट, और सैमड्रॉप हिल भी घूम सकते है। अगर आपके पास समय है तो आप पास की जगहों जैसे पेलिंग, कालुक और नामची को घूमना ना भूलें। और जब आप यहाँ घूम नहीं रही है तो आप यहाँ के स्थानीय रेस्तरां में प्रामाणिक पूर्वोत्तर व्यंजनों का स्वाद ले सकते है। 

अगर आप भी सर्दियों में जा रहे है पहाड़ों पर? तो ये जगहें हैं बेस्ट आप्शन

3. करसोग

घने व हरे भरे खेत, विशाल सेब के बगीचे, और तेज़ी से बहने वाली नदियाँ, आरामदायक घरों के साथ, और लगभग कोई भीड़ नहीं, यह जगह है ही ऐसी की आप यहाँ आने के बाद यहाँ से जाना ही नहीं चाहेंगे । हिंदू लोक कथाओं में कहा गया है कि प्राचीन समय में इसी जगह पर भीम (पांच पांडवों में से एक) ने एक राक्षस को मार डाला था जो निर्दोष ग्रामीणों को मारता था, करसोग अब स्थानीय लोगों के लिए प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है। करसोग, पीर पंजाल रेंज में 1,400 मीटर की ऊँचाई पर बसा एक छोटा और सुंदर पहाड़ी शहर है जो शिमला की छत्र-छाया में बसा हुआ है।  

क्या देखें
यहाँ का स्थानीय भोजन खाएँ, कैम्पिग करें, इस जगह की मनमोहक सुंदरता को देखने का आनंद लें। इस जगह की भरपूर फोटोग्राफी करें क्योंकि इस जगह को बाहर कई लोग नहीं जानते है। आप यहाँ पर लंबी पैदल यात्रा करें और व्यू पॉइंट्स से घाटी के भव्य नज़ारों को देखने का आनंद लें। इसके अलावा, आप इस गाँव के प्राचीन स्थानीय मंदिरों की यात्रा भी कर सकते हैं।

4. थाची

ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क की हरी-भरी पहाड़ियों और बर्फ़ से ढकी हिमालय की चोटियों को देखकर लगता है कि थाची घाटी आधुनिक दुनिया की हलचल से पूरी तरह से अलग हो चुकी है। लगतार आते झरने, अप्रतिम प्राकृतिक सुंदरता और आरामदायक लकड़ी के घर यह कुछ ऐसी चीज़ें है जिनकी वजह से आपको थाची से प्यार हो जाएगा। अगर आप वास्तव में हिमाचल में एक ऐसी जगह पर जाने के लिए उत्सुक हैं, जो 'ऑफबीट' शब्द पर खरा उतरहता है तो थाची ही वह जगह है जहाँ आपको इस सर्दियों में जाना चाहिए। 

क्या देखें
शायद, यहाँ करने के लिए सबसे अच्छी बात सिर्फ आरामदायक लकड़ी के घर के अंदर रहना होगा और कभी-कभी ट्रेकिंग के लिए ऊपर या निचले पहाड़ पर निकल जाना होगा। हालांकि, बिथू नारायण मंदिर व हडिम्बा देवी मंदिर थाची घाटी के कुछ अन्य आकर्षण हैं।

5. चौकोरी

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में समुद्र तल से 2,000 मीटर से अधिक ऊँचाई पर बसा चौकोरी ऐसा हिल स्टेशन नहीं है जहाँ पर्यटक हर सप्ताहांत घूमने आते हैं। आप अपने आप को सुगंधित चाय और फलों के बड़े बगीचों मे घने जंगलो के बीच रहने की कल्पना करें, कल्पना करें कि पूरी तरह से नीले रंग के साफ आकाश के बैकग्राउंड के साथ हिमालय की चोटियों सीधी खड़ी है बस यही जगह तो चौकोरी है। यह उन दुर्लभ स्थानों में से एक है जहाँ पर लोग नंदादेवी, पंचाचूली और त्रिशूल के बेहद सुंदर नज़ारे देखने के लिए आते हैं और इस प्राकृतिक सौंदर्य को अपनी आँखो मे बसा लेना चाहते है।

क्या देखें
आप यहाँ ट्रेकिंग कर सकते है या अपने घर पर आराम करें और इस जगह की शुद्ध प्राकृतिक सुंदरता का अनुभव करने के लिए शानदार सूर्योदय और रात में आकाश को निहारने का आनंद लें। चौकोरी में, आप अर्जुनेश्वर शिव मंदिर, घुँसेरा देवी मंदिर और कपिलेश्वर महादेव मंदिर सहित प्रसिद्ध मंदिरों में जा सकते हैं। 

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