नए क्रेडिट कार्ड बंद किए, पुराने की लिमिट घटाई,बैंकों ने टूरिज्म और ट्रांसपोर्ट सेक्टर से बनाई दूरी

 
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हिमाचल प्रदेश के मनाली में टूर एंड ट्रेवल्स एजेंट्स का काम करने वाले दिलीप ठाकुर ने बताया कि उन्होंने बीते साल की शुरूआत में ही अपनी अलग फर्म शुरु की थी. इसी बीच लॉकडाउन लग गया. कारोबार तबाह गया. लिहाजा, इमरजेंसी में खरीदी के लिए बैंक में क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई किया. एक साल बाद बैंक ने बताया कि उनकी प्रोफाइल निगेटिव हो चुकी है. इसलिए क्रेडिट कार्ड इश्यु नहीं किया जाएगा. मध्यप्रदेश के भोपाल में रघुवंशी ट्रेवल्स के संचालक महेंद्र सिंह रघुवंशी के साथ ही ऐसा ही हुआ है. उन्होंने कहा कि बीते साल से ही ट्रेवल्स का काम ठप है. रही सही कसर डीजल के प्राइज में हुई बढ़ोतरी ने पूरी कर दी है. 

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ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (टीएएआई​) के उपाध्यक्ष जय भाटिया का कहना है कि उनसे जुड़े कई टूर ऑपरेटर्स ने बैंकों द्वारा क्रेडिट कार्ड की लिमिट घटाने और नए कार्ड जारी न करने की शिकायत की है. इस बारें में केंद्र सरकार को भी ज्ञापन सौंपा गया हे. ट्रेवल एजेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष प्रदीप लुल्ला कहते हैं कि सरकार ने आत्मनिर्भर अभियान के पहले पैकेज में ट्रेवल इंडस्ट्री के लिए कोई घोषणा नहीं की थी. अब दूसरे आर्थिक राहत पैकेज में 10700 टूरिस्ट गाइड को सरकारी गारंटी पर एक लाख रुपए और सिर्फ 904 टूरिस्ट एजेंसी को 10 लाख रुपए तक का कर्ज का ऐलान हुआ है. 

वॉयस ऑफ बैंकिंग के फाउंडर अश्विनी राणा बताते हैं बैंकों में यह सामान्य नियम है कि लोन देने से पहले संबंधित व्यक्ति की प्राेफाइल देखी जाए. रिस्क ज्यादा है तो लोन का आवेदन नामंजूर कर दिया जाता है. वैसे, आजकल सिबिल देखकर लोन या क्रेडिट कार्ड की लिमिट तय की जाती है. लेकिन काेरोनाकाल में कई सेक्टर्स से बहुत ज्यादा असर पड़ा है. टूर और ट्रैवल ऑपरेटर भारत और विदेशों में हवाई/बस टिकटिंग, अवकाश और कॉर्पोरेट यात्रा दोनों के लिए होटल/पैकेज जैसी सेवाएं प्रदान करते हैं. क्रिसिल की एक रिपोर्ट के मुताबिक इनका रेवेन्यू करीब 11 हजार करोड़ रुपए का है.

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