नटराजासन के फायदे, नियम और करने का तरीका

शरीर को मिलेंगे कमाल के फायदे

नटराजासन भगवान शिव की मुद्रा

इसे करने से शरीर को कई तरह के लाभ मिलते हैं। आइए जानें इसके बारे में विस्तार सें

कैसे करें नटराजासन

सबसे पहले दोनों पैरों पर सामान वजन बनाते हुए खड़े हो जाएं। फिर सामने किसी बिंदू पर ध्यान केंद्रित करें। अब दायां घुटना मोड़ें और शरीर के पीछे से दाएं हाथ से टखना पकड़ें। संतुलन बनाते हुए फिर पकड़े हुए दाएं पैर को जितना हो सके ऊपर की ओर करें। अब बाएं हाथ से ज्ञान की मुद्रा बनाते हुए सीने के सामने आगे की तरफ फैलाएं और अपना ध्यान केंद्रित करें। इस प्रक्रिया को फिर दूसरे पैर से बनाएं और कुछ देर इशी असवस्था में ठहरें।

तनाव से मुक्ति

इस आसन को रोजाना करने से तनाव दूर होते हैं और दिमाग शांत होता है।

एकाग्रता बढ़ाए

अगर आपका मन किसी काम में न लगे तो एकाग्रता की कमी हो सकती है। नटराजासन करने से इसमें लाभ मिलता है।

दर्द से राहत

नटराजासन को रोजाना अभ्यास करने से कंधे, कुल्हों, पीठ आदि के दर्द में आराम मिलता है।

पोश्चर बेहतर बनाए

यह आसन शरीर का पोश्चर ठीक करता है, साथ ही शारीरिक संतुलन बेहतर बनाए रखने में मदद करता है।

वजन कम करे

नटराजासन मुद्रा का रोजाना अभ्यास से वजन कंट्रोल में किया जा सकता है। इसे सावधानी से करने की कोशिश करें।

बरतें सावधानी

अगर आपके घुटनों कुल्हों या फिर कंधों में चोट लगी हो तो इस आसन को करने से बचें, साथ ही इस आसन का अभ्यास करते समय अगर कमर में दर्द ही कुछ भी असहज लगे तो भी इसे करने से बचें।